नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को रायसीना डायलॉग 2026 में कहा कि आंध्र प्रदेश उन्नत तकनीकों, खासकर क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “अब कई बड़े काम हो रहे हैं। आंध्र प्रदेश में पहली बार गूगल 15 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। यहां एक गीगावाट क्षमता वाला डाटा सेंटर और एआई से जुड़ी परियोजनाएं बनेंगी। आर्थिक सुधारों के बाद यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा निवेश है।”
सीएम नायडू ने राज्य में क्वांटम तकनीक पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम अब क्वांटम कंप्यूटर स्थापित कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश में क्वांटम कंप्यूटिंग की शुरुआत हो रही है और भविष्य में इससे कई बड़े बदलाव आएंगे।”
उन्होंने वैश्विक टेक हब से तुलना करते हुए कहा, “आज पूरी दुनिया सिलिकॉन वैली की बात करती है, जो कैलिफोर्निया, यूनाइटेड स्टेट्स में है लेकिन भविष्य में लोग भारत की ‘क्वांटम वैली’ की बात करेंगे और वह अमरावती से होगी, जो मेरे राज्य में है।”
उन्होंने कहा कि यह परियोजना शुरू हो चुकी है और जल्द ही पूरी तरह काम करना शुरू कर देगी। क्वांटम कंप्यूटर स्थापित किया जा चुका है और हम इसे शुरू करने जा रहे हैं। साल के अंत तक इसका संचालन शुरू हो जाएगा। आगे चलकर हम क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण करेंगे और दुनिया के अन्य देशों को भी सप्लाई करेंगे।”
इस कार्यक्रम में चंद्रबाबू नायडू ने दुनिया में भारतीयों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय दुनिया के सबसे अच्छे “डिप्लोमैट” माने जा सकते हैं, क्योंकि वे जहां भी रहते और काम करते हैं, वहां के समाज में आसानी से घुल-मिल जाते हैं।
सीएम नायडू ने कहा कि पहले आंध्र प्रदेश से लोगों का प्रवास मुख्य रूप से यूनाइटेड स्टेट्स और कुछ अन्य देशों तक ही सीमित था, लेकिन अब तेलुगु समुदाय और भारतीय कई देशों में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीयों ने दुनिया में एक ऐसी पहचान बनाई है कि वे आसानी से ढलने वाले, मिलनसार और वैश्विक समुदाय के हित में काम करने वाले लोग हैं।
नायडू ने यह भी कहा कि भारतीय प्रवासी, खासकर तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवर, वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

