Monday, August 10, 2026
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अंतरिक्ष में लगातार दो पीढ़ियों के धान उगाने का प्रयोग सफलतापूर्वक आगे बढ़ा

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बीजिंग, 2 अगस्त (आईएएनएस)। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पर दो महीने से अधिक समय बिताने के बाद शनचो-23 मिशन के तीनों अंतरिक्ष यात्री चू यांगचू, चांग चीयुआन और ली च्यायिंग स्वस्थ हैं। इस दौरान कई वैज्ञानिक प्रयोग योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।

इनमें पहली बार शुरू किया गया ‘अंतरिक्ष में धान की कई पीढ़ियों की आनुवंशिक स्थिरता और पर्यावरणीय अनुकूलनशीलता के आणविक तंत्र’ से जुड़ा प्रयोग भी शामिल है। इस प्रयोग के तहत धान के पहले बैच के नमूनों का संग्रह और सुरक्षित भंडारण पूरा कर लिया गया है।

24 मई को शनचो-23 मानवयुक्त अंतरिक्ष यान के सफल प्रक्षेपण के साथ धान के बीज और अन्य प्रयोग सामग्री अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाई गई थी। दो महीने से अधिक समय तक सावधानीपूर्वक देखभाल के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने धान के पहले बैच के नमूने तैयार कर लिए हैं। इस प्रयोग का उद्देश्य पहली बार अंतरिक्ष में लगातार दो पीढ़ियों तक धान उगाना है।

इसके जरिए धान के बीज से बीज तक और फिर दोबारा बीज तक दो पूर्ण जीवन चक्र पूरे किए जाएंगे। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि लंबे समय तक सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण का धान की आनुवंशिक स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ता है।

इससे पहले वर्ष 2022 में चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पर दुनिया में पहली बार धान का बीज से बीज तक पूरा जीवनचक्र सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। उस समय छह धान के बीज अंतरिक्ष में भेजे गए थे और 120 दिनों के भीतर उनसे पहली पीढ़ी के 59 धान के बीज प्राप्त हुए थे। बाद में इन बीजों को शनचो 14 मिशन के साथ पृथ्वी पर वापस लाया गया था। इस बार शनचो-23 मिशन के साथ भेजे गए धान के बीज चीन की जापोनिका किस्म के हैं, जिनकी अनुकूलन क्षमता मजबूत है और इनकी वृद्धि अवधि तीन से चार महीने की होती है। इनमें एक समूह ऐसे सामान्य बीजों का है, जो पहले कभी अंतरिक्ष में नहीं गए थे। वहीं दूसरा समूह उन बीजों का है, जो वर्ष 2022 में अंतरिक्ष स्टेशन पर तैयार हुए थे और पृथ्वी पर लौटने के बाद उनकी तीन पीढ़ियां उगाई जा चुकी हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अंतरिक्ष यात्रियों को सिर्फ धान की बालियां और बीज ही नहीं, बल्कि तने और पत्तियों जैसे नमूनों को भी कम तापमान पर सुरक्षित रखकर पृथ्वी पर वापस लाना होगा। इन नमूनों के अध्ययन से भविष्य की अंतरिक्ष कृषि के लिए उपयुक्त उत्पादन मॉडल विकसित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)