Tuesday, June 30, 2026
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आरा के बिलौटी में उमड़ेगा ‘जनसैलाब’, भरत तिवारी के श्राद्ध में नेपाल और कई राज्यों से पहुंचेंगे लोग

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आरा, 30 जून (आईएएनएस)। बिहार के आरा जिले के बिलौटी गांव में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद उनका श्राद्ध कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं, जिसमें आयोजकों ने अखंड पूजा और करीब 15,000 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की है। गांव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी पुलिस-प्रशासन सतर्क हैं।

परिवार और समर्थकों ने एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई है।

मृतक के भाई चंदन तिवारी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की कमी चिंता का विषय है। गांव में भरत तिवारी की स्मृति में मूर्ति स्थापना की मांग की गई थी, जिसे रोके जाने के कारणों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

भरत तिवारी की माँ आशा देवी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आम मामलों में तो तुरंत गिरफ्तारी हो जाती है, लेकिन इस मामले में कथित आरोपी पुलिसकर्मी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, परिवार को संतोष नहीं मिलेगा।

वहीं, मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि श्राद्ध कार्यक्रम में केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि कई राज्यों और यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल से भी लोगों के आने की जानकारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोगों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है और आयोजन में व्यापक जनसैलाब देखने को मिल सकता है।

इस बीच महापंचायत में पंकज त्रिपाठी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सीओ, वीडीओ और एसडीओ स्तर के अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप हैं और वे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन को पहले ही 24 से 30 जून तक का समय दिया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि यह मामला “एनकाउंटर नहीं बल्कि गलत कार्रवाई” का परिणाम हो सकता है और इसकी न्यायिक जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है।