अमरावती, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने अर्नब चक्रवात के असर को लेकर टेलीकॉन्फ्रेंस की। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने चक्रवात प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स, रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) अधिकारियों और फील्ड स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों के साथ समीक्षा की।
मुख्यमंत्री मंगलवार पूरी रात चक्रवात के असर, बरती जाने वाली सावधानियों और फील्ड स्तर के हालात के बारे में जानकारी लेते रहे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू रात 1:30 बजे तक स्थिति की समीक्षा करते रहे। इसके बाद भी वे समय-समय पर अपडेट लेते रहे और अधिकारियों को निर्देश देते रहे।
बुधवार सुबह 6:15 बजे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने फिर से टेलीकॉन्फ्रेंस की और चक्रवात-प्रभावित इलाकों के हालात तथा चल रहे राहत कार्यों के बारे में पूछा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात तट को पार कर रहा है। आरटीजीएस अधिकारियों ने कहा कि इसके असर से आज और कल भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात के कारण कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं और कुछ जगहों पर बिजली के खंभे भी गिर गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर उन्होंने चक्रवात-प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति रोक दी है।
मुख्यमंत्री ने गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाने और स्थिति सामान्य होने पर बिजली आपूर्ति बहाल करने के कदम उठाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरतने को कहा कि टैंक और नहरें ओवरफ्लो न हों। कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। कोनासीमा जिले के कलेक्टर ने बताया कि वहां लगभग 6 हजार बिजली के खंभे गिर गए हैं। कोनासीमा कलेक्टर ने बताया कि बारिश तो कम हो गई है, लेकिन अभी भी तेज हवाएं चल रही हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायडू ने एक्स पोस्ट में बताया था कि 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों (साइक्लोन शेल्टर) की पहचान कर ली गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना तैयार की गई है, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया जा चुका है।
विभिन्न जिलों में एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की जा रही हैं। पुलिस, अग्निशमन सेवाएं और चिकित्सा टीमें काम पर लग गई हैं, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल भी मदद के लिए तैयार हैं। भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जनरेटर की व्यवस्था की जा रही है और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए 8,400 से अधिक कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि शांत रहें, सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें। जब भी सलाह दी जाए, तुरंत निर्धारित आश्रय स्थलों पर चले जाएं। मछुआरे तब तक समुद्र में न जाएं, जब तक कि आधिकारिक अनुमति न मिल जाए।
अपने पास जरूरी सामान रखें और फोन चार्ज करके रखें। अनावश्यक यात्रा करने से बचें, समुद्र तटों, नदियों के किनारों, बाढ़ वाले इलाकों और बिजली की गिरी हुई लाइनों के पास न जाएँ। तब तक सुरक्षित आश्रय स्थल में ही रहें, जब तक कि प्रशासन यह पुष्टि न कर दे कि खतरा टल गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर दस्तक देना शुरू कर दिया। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 125-135 किमी प्रति घंटा रही, जबकि हवा के झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई।
