कुरुंग कुमे, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर यह जानकारी दी है।
इससे पहले, छह अगस्त को भी अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी जानकारी भी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी थी। इस इलाके में भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई थी।
अब इसी बीच, एक बार फिर से अरूणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिसके बाद भू-विज्ञानियों के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ गई है कि आखिर क्यों इस इलाके में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं?
भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप की गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं, क्योंकि भारत कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों पर स्थित है। उत्तर-पूर्वी भारत (अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम, आदि) भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यह क्षेत्र भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टेक्टॉनिक गतिविधियों के कारण बार-बार कंपन महसूस करता रहता है।
ध्यान दें कि अरूणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे में भूकंप के झटके ऐसे वक्त में महसूस किए गए हैं, जब हाल ही में नेपाल में प्राकृतिक विपदा ने अपना कहर दिखाकर कई जहां कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया है, तो वहीं कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
वहीं, नेपाल में आई प्राकृतिक विपदा के बीच ही चीन के दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में भी शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। लोंगचांग शहर में दोपहर 1:13 बजे 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। भूकंप की गहराई लगभग 13 किमी थी। फिलहाल नुकसान या हताहत की कोई जानकारी नहीं है।
चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (सीईएनसी) के अनुसार, चीन के दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में शुक्रवार दोपहर 1:13 बजे (बीजिंग समय) 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था।
