मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर चल रही सुनवाई के बाद महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने शिवसेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत के बयान पर प्रतिक्रिया दी।
शंभूराज देसाई ने पत्रकारों से कहा, “आज सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के चिह्न को लेकर सुनवाई के बाद (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत बाहर आए और कहा कि अगर शिवसेना (यूबीटी) को धनुष-बाण चिह्न नहीं मिलता तो इस चिह्न को फ्रीज या सीज कर देना चाहिए।”
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा कि यह बयान सुनकर महाराष्ट्र और देशभर के शिवसैनिक हैरान हैं। धनुष-बाण चिह्न ऐसा प्रतीक है जिसे शिवसेना संस्थापक और बालासाहेब ठाकरे अपने पूजा स्थल पर भगवान की तरह पूजते थे। चिह्न को फ्रीज करने की मांग करके अरविंद सावंत ने अप्रत्यक्ष रूप से बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व की विचारधारा को भी फ्रीज करने की बात कह दी है।
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में जज के सामने कहा है कि दोनों शिवसेना गुट के मुखिया उद्धव ठाकरे ही हैं। इस पर शंभूराज देसाई ने कहा, “हमने खुद यह बयान नहीं सुना है। अगर आज की बहस के दौरान ऐसी कोई बात उठी है तो हमारे सुप्रीम कोर्ट के वकील इसकी जानकारी पार्टी नेताओं को देंगे। जब हमारी बारी आएगी तो हमारे वकील सुप्रीम कोर्ट के सामने पार्टी का पक्ष भी रखेंगे।”
आदित्य ठाकरे सवाल उठ रहे हैं कि चिह्न चुराकर कोई मान्यता नहीं बन सकती। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंभूराज देसाई ने कहा, “हम देश में संविधान में विश्वास रखते हुए काम करते हैं। चुनाव आयोग ने हमें धनुष-बाण चिह्न और नाम दिया है।”
शिवसेना में विभाजन के बाद से धनुष-बाण चिह्न और पार्टी के नाम को लेकर दोनों गुटों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। चुनाव आयोग ने पहले एक गुट को असली शिवसेना मानते हुए चिह्न और नाम सौंपा था, जिसे (यूबीटी) गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

