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एशियन गेम्स में देश को जिताया गोल्ड, राज रानी बोलीं- जब सुविधाएं मिलती हैं, तो मेडल भी हासिल होते हैं

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मुंबई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ‘एशियन गेम्स 2026’ के फाइनल मैच में ईरान को 37-34 से मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय कबड्डी खिलाड़ी राज रानी का मानना है कि प्रत्येक एथलीट को सही सुविधाओं की जरूरत होती है, जब सुविधाएं मिलती हैं, तो मेडल भी मिलते हैं।

भारतीय कबड्डी खिलाड़ी और एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट राज रानी ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “यह कड़ी मेहनत का नतीजा था, क्योंकि हम लगातार कोशिश कर रहे थे, और हमारी फेडरेशन चार-पांच महीने से लगातार ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रही थी। कड़ी मेहनत के बाद नतीजा तो मिलता ही है। प्रत्येक खिलाड़ी को सही सुविधाओं की जरूरत होती है, और जब सुविधाएं मिलती हैं, तो मेडल भी मिलते हैं। जब हम वहां खेलने गए, तो दूसरे देशों की टीमें भी अच्छा खेल रही थीं, लेकिन हमारी फेडरेशन ने एक बेहतरीन टीम बनाई, और सबसे बड़ी बात थी एकता। अगर टीम में एकता हो, तभी कुछ हासिल किया जा सकता है। हमारी टीम एकता के साथ खेली, और जो भी खिलाड़ी निराश महसूस करता, उसे हिम्मत और हौसला देती। सभी ने अच्छा खेला, और इसी तरह हमने गोल्ड मेडल जीता।”

वहीं, सोनाली विष्णु शिंगटे ने कहा, “फाइनल मैच की बात करें तो, जब हम जीते, तो वह पल और खासकर मेडल सेरेमनी हर खिलाड़ी के लिए एक यादगार पल बन गया। देश का प्रतिनिधित्व करते हुए मेडल लेने जाना, अपने राष्ट्रीय ध्वज को ऊंचा लहराते देखना और गोल्ड मेडल जीतने पर राष्ट्रगान बजते हुए सुनना, यह पल हर खिलाड़ी के रोंगटे खड़े कर देता है और हमें भावनाओं से भर देता है, क्योंकि ऐसा पल हर किसी को अनुभव करने को नहीं मिलता।”

अपने सफर के बारे में बात करते हुए सोनाली विष्णु ने कहा, “राजेश सर ने मुझे बिल्कुल शुरुआती स्तर से तैयार किया, जब मुझे कुछ भी नहीं पता था। तब मुझे कबड्डी खेलना भी नहीं आता था, इसलिए उन्होंने मुझे सब कुछ सिखाया। साथ ही, मेरी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, इसलिए उन्होंने मुझे शॉर्ट्स और किट से लेकर जूतों तक, हर चीज उपलब्ध कराई। उन्होंने हमें मैदान पर ट्रेनिंग दी और कबड्डी सिखाई।”