Saturday, August 1, 2026
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आतंकी हमले में मारे गए दीपक रात्रे के गांव में पसरा मातम, एक साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में गया था जम्मू-कश्मीर

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सक्ती, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लम में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर दीपक रात्रे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह छत्तीसगढ़ में सक्ती जिले के बुंदेली गांव का रहने वाला था। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

आतंकियों ने पहले वहां काम कर रहे मजदूरों से उनकी पहचान और नाम पूछे। इसके बाद उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई।

दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के घर हरदीडीह (जैजैपुर) में रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहा था। उसकी शादी भी मामा के घर से ही हुई थी। करीब एक वर्ष पहले वह अपनी पत्नी और भाई के साथ रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गया था, जहां वह ईंट भट्ठे में मजदूरी कर रहा था।

आतंकी हमले में दीपक की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात घटना की जानकारी मिलने पर सक्ती पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम को मृतक के परिजनों के घर भेजा गया, जहां परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी गई।

जैसे ही दीपक की मौत की खबर बुंदेली गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल प्रशासन मृतक के पार्थिव शरीर को सक्ती लाने की प्रक्रिया और शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय में जुटा हुआ है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

आतंकवादियों ने केल्लम गांव में ईंट भट्ठे के दो मजदूरों पर करीब से गोली चलाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घायल मजदूरों को अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दीपक रत्ने (24) ने दम तोड़ दिया, जबकि डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल बोपिंदर (28) को विशेष उपचार के लिए एसकेआईएमएस रेफर कर दिया था। यहां शनिवार की सुबह बोपिंदर की इलाज के दौरान मौत हो गई।