पीलीभीत, 11 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुड़ई पनिया गांव स्थित नदी क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया।
पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिले में चिन्हित अन्य अवैध कॉलोनियों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि मुड़ई पनिया गांव में पिछले कई दिनों से कुछ प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा नदी किनारे अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी प्रशासन को मिल रही थी। शिकायतों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि संबंधित भूमि पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के प्लॉटिंग और अन्य विकास कार्य किए जा रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था।
उन्होंने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस भूमि पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी, वह नदी क्षेत्र की जमीन है और उस पर निर्माण अथवा आवासीय परियोजना विकसित करने की अनुमति नहीं ली गई थी। भूमि उपयोग और नक्शा स्वीकृति से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन किया गया था। इसके चलते अवैध निर्माणों को हटाने का निर्णय लिया गया।
बुधवार की शाम को प्रशासन ने पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम के सहयोग से मौके पर व्यापक अभियान चलाया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मुख्य कॉलोनी के आसपास दो अन्य कॉलोनियां भी विकसित की गई थीं, जिनका नक्शा संबंधित विभागों से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इन कॉलोनियों में सड़कें और नालियों का निर्माण भी कराया जा चुका था। जांच में इन्हें भी अवैध पाया गया, जिसके बाद प्रशासनिक टीम ने वहां भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैधानिक अनुमति के विकसित की गई किसी भी कॉलोनी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 12 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है। इनमें से चार कॉलोनियों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष कॉलोनियों के संबंध में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

