अयोध्या, 20 सितंबर (आईएएनएस)। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार को अयोध्या सर्किट हाउस से थाना पूरा कलंदर क्षेत्र में मृतक राम लगन मौर्य के परिजनों से मुलाकात करने के लिए रवाना हुए। राम लगन मौर्य और उनकी मां की बीते दिनों गोलीबारी और बमबाजी की घटना में मौत हुई थी। चंद्रशेखर आजाद ने घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठाए।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने फिल्मों में या बंगाल अथवा दूसरे देशों के संदर्भ में बम के इस्तेमाल और सरेआम हत्या की घटनाएं देखी-सुनी थीं, लेकिन अयोध्या जैसे शहर में इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा, “राम लगन जी के साथ जो हुआ, वह बहुत दर्दनाक है। हमने पिक्चरों में देखते थे या बंगाल या दूसरे देशों में यह सुनाई देता था कि बम का प्रयोग होता है, सरेआम हत्या कर दी जाती है। लेकिन यह हमने अपनी आँखों से यहाँ अयोध्या जिसे साकेत भी कहा जाता है और पूरी दुनिया में जिसकी पहचान है वहाँ अगर सरेआम बम से हत्या हो रही है, कई-कई बम दागे जा रहे हैं…” उन्होंने कहा कि घटना में केवल राम लगन मौर्य की ही जान नहीं गई, बल्कि उनकी मां भी गंभीर रूप से प्रभावित हुईं और करीब 15 दिन बाद उनकी भी मौत हो गई।
चंद्रशेखर ने कहा कि परिवार के लोगों ने उनसे मुलाकात कर दुख में शामिल होने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, “एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी भी यह जिम्मेदारी है, अगर किसी के यहाँ कुछ हुआ है… अब तो कार्रवाई पुलिस करेगी, लेकिन उस परिवार का दुख बाँटना, उनके विश्वास को कानून के प्रति, संविधान के प्रति मजबूत करना यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।” चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने परिवार से मुलाकात कर उनकी बात सुनने और मामले को मीडिया के माध्यम से देश के सामने रखने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने और नई भर्तियों की घोषणाओं को लेकर भी चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे और नई रिक्तियों की घोषणा होगी, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुई भर्तियों को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अब नियुक्ति पत्र भी बटेंगे, नई वैकेंसी की घोषणाएं भी होंगी। नई जो है, सुविधा देने की बात भी होगी, लेकिन सच यह है कि पिछले साढ़े नौ साल में कितने नियुक्ति पत्र दिए हैं यह सब जानते हैं।”
चंद्रशेखर आजाद ने 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्ती के साथ पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, आशा, आंगनबाड़ी, भोजन माताओं, पीआरडी जवानों और पुलिस भर्ती से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि बीएड और बीटीसी अभ्यर्थियों के बीच भी रोजगार को लेकर असंतोष है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पदों का बैकलॉग है और सवाल उठाया कि यदि पद खाली हैं तो अब तक उन्हें भरा क्यों नहीं गया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 2027 में जनता की अदालत लगेगी और सरकार अब अपने कामकाज को लेकर जनता के सवालों का सामना करेगी। उन्होंने नियुक्ति पत्र वितरण और नई भर्तियों की घोषणाओं को लेकर आरोप लगाया कि यह चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा, “यह सब जो है, चुनाव में वोट अपने फेवर में प्रभावित करने का तरीका है। जनता सब जानती है।” उन्होंने बेरोजगारी को लेकर कहा कि प्रदेश का युवा पढ़-लिखकर डिग्री लेकर घूम रहा है और रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहा है। उन्होंने प्रयागराज में विभिन्न वर्गों के युवाओं के आंदोलनों का भी जिक्र किया। चंद्रशेखर आजाद ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाढ़ आने के बाद सरकारी स्तर पर दौरे किए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि बस्ती में बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में पलायन कर रहे हैं और वहां बिजली, पानी तथा सड़कों की समस्याएं भी गंभीर हैं। उन्होंने क्षेत्र में लगी एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर भी लोगों की परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि इन समस्याओं के समाधान की जरूरत है। सांसद ने कहा कि आज का पढ़ा-लिखा युवा रोजगार चाहता है और सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की भर्ती की जाए।
–आईएएनएस
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