लखनऊ, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सफलतापूर्वक आठ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘आयुष्मान संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करते हुए करोड़ों गरीब एवं वंचित परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच बना है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक आयुष्मान योजना का लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों की गुणवत्ता, फायर सेफ्टी, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए डेटा एनालिटिक्स, फील्ड ऑडिट और तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत किया गया है। संदिग्ध क्लेम और अनियमितताओं की पहचान कर नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध निलंबन, डी-एम्पैनलमेंट, आर्थिक दंड और रिकवरी जैसी कार्रवाई की जा रही है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि गरीब और जरूरतमंद मरीज का अधिकार सर्वोपरि है। अच्छा कार्य करने वाले अस्पताल सरकार के सहयोगी हैं, लेकिन आयुष्मान योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, गुणवत्तापूर्ण अस्पताल नेटवर्क, बेहतर शिकायत निवारण, मजबूत ऑडिट तथा डेटा आधारित निगरानी के माध्यम से योजना को और सुदृढ़ किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने योजना के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे चिकित्सकों, आयुष्मान मित्रों, आशा बहनों, जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से अपील की कि जिन लोगों का अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, वे अपना कार्ड अवश्य बनवाएं और योजना से संबंधित जानकारी केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार आयुष्मान कार्ड से वंचित न रहे और आर्थिक अभाव के कारण किसी भी पात्र मरीज का आवश्यक उपचार न रुके।
–आईएएनएस
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