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बड़गाईं जमीन घोटाला से मनी लॉन्ड़्रिंग केस में सीएम हेमंत सोरेन ऑनलाइन कोर्ट में हुए पेश

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रांची, 24 सितंबर (आईएएनएस)। रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय (फ्रेमिंग ऑफ चार्ज) करने के बिंदु पर गुरुवार को विशेष पीएमएलए अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए।

अदालत की कार्यवाही के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने मामले से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन करने के लिए अदालत से समय देने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान चरण आरोप गठन का है, दस्तावेजों के निरीक्षण का नहीं। हालांकि, मुख्यमंत्री के आग्रह पर विचार करते हुए पीएमएलए की विशेष अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख बुधवार यानी 30 सितंबर तय की है। अब 30 सितंबर को सुबह 11:15 बजे आरोप गठन के बिंदु पर आगे की सुनवाई होगी।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ विवादित जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण, फर्जी कागजातों के निर्माण और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की गहन जांच कर रहा है। इस सिलसिले में ईडी अब तक सीएम हेमंत सोरेन समेत करीब 18 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इससे पूर्व, पीएमएलए की विशेष अदालत इस मामले में शामिल 16 अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी है।

इन आरोपियों में पूर्व जजिया/राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।

हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस मामले में निचली अदालत द्वारा सीएम हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के आदेश को बरकरार रखा था, जिससे उनके खिलाफ आरोप गठन की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया था।