नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल में हाल की में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों में भारतीय सेना के नेपाली मूल के सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके आश्रित भी शामिल हैं। ऐसे में इन जवानों व उनके परिजनों की मदद के लिए ट्रू होप फाउंडेशन ने आर्मी सेंट्रल वेलफेयर फंड में 50 लाख रुपए का योगदान दिया है।
यह राशि प्रभावित परिवारों को अनुग्रह सहायता देने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। ट्रू होप फाउंडेशन आपदा राहत, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, दिव्यांग सहायता, पशु कल्याण और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में काम करता है।
फाउंडेशन जरूरतमंद समुदायों तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, अस्पतालों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करता है।
भारतीय सेना के मुताबिक, इस योगदान से नेपाल में आई हाल की बाढ़ से प्रभावित नेपाली मूल के सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सहायता दी जाएगी। इन लोगों ने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। अब ऐसे मुश्किल समय में यह पहल जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत पहुंचाने में मदद करेगी।
सप्त शक्ति कमान ने भारतीय सेना की ओर से फाउंडेशन के इस सहयोग के लिए आभार जताया है। सप्त शक्ति कमान ने ट्रू होप फाउंडेशन, उसके सहयोगियों और दानदाताओं के इस सहयोग की सराहना की है।
सेना ने कहा कि इस तरह की मानवीय पहल भारतीय सेना और नागरिक समाज के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूती देती हैं। साथ ही, यह भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों को भी दर्शाती है।
गौरतलब है कि नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से हुई भारी जनहानि और तबाही हुई थी। इस आपदा में भारत ने अपने पड़ोसी देश के साथ खड़े होने का भरोसा दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपदा के बाद नई दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित नेपाल दूतावास पहुंचे थे। यहां रक्षामंत्री ने नेपाल के साथ सुख-दुख के साथी का रिश्ता दोहराया था। यहां उन्होंने इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने दूतावास की शोक पुस्तिका में संदेश लिखकर अपनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की थी। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। वहीं सरकार ने भारतीय वायुसेना की मदद से प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई है। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ से नेपाल में लोगों की जानें गईं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिकों को भी प्रभावित किया था, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
