Saturday, July 4, 2026
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बद्रीनाथ धाम में कथित चोरी का मामला: दोषी कर्मचारी के निलंबन और कार्रवाई की मांग

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ऋषिकेश, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने श्री बद्रीनाथ धाम में कथित चोरी की घटना को गंभीर बताते हुए दोषी कर्मचारी के तत्काल निलंबन और विभागीय कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना अयोध्या के श्रीराम मंदिर में सामने आए घटनाक्रम की तरह ही बेहद चिंताजनक है और इससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है।

संदीप खत्री ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि श्री बद्रीनाथ धाम में कार्यरत एक कार्मिक चोरी करते हुए पकड़ा गया है। इस सूचना के बाद भैरव सेना की कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें मामले पर चर्चा के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया। संगठन की ओर से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, जिस कर्मचारी का नाम इस मामले में सामने आया है उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और दूसरी, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने उत्तराखंड में धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका आरोप था कि जब से देवभूमि उत्तराखंड में धर्मस्व विभाग को समाप्त कर पर्यटन को बढ़ावा दिया गया है और तीर्थाटन की भावना कमजोर हुई है, तब से श्रद्धालुओं की आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। भैरव सेना इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी। खत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाएं होती रहीं तो भैरव सेना बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने बताया कि संगठन ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है और 23 जुलाई से आंदोलनात्मक कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई गई है।

दान व्यवस्था पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई श्रद्धालु किसी धाम में दान या चढ़ावा चढ़ाता है तो उसकी भावना यही होती है कि उस धन का उपयोग मंदिर के जीर्णोद्धार, धार्मिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाए। लेकिन यदि उन्हीं व्यवस्थाओं को संचालित करने वाले लोग उनका दुरुपयोग करें या उनका शोषण करें तो यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हस्तक्षेप की अपील करते हुए संदीप खत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी पूरे देश में हिंदुत्ववादी छवि वाले नेता के रूप में उभरे हैं और उनसे आग्रह है कि वे इस मामले का शीघ्र संज्ञान लें। उन्होंने मांग की कि दोषी कर्मचारी के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और सनातन धर्म के अनुयायियों में इस घटना को लेकर जो रोष है, उसका उचित समाधान हो सके।