अलीपुरद्वार, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार के बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की वापसी पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की। गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2018 में बक्सा से बाघ विलुप्त हो गया था और पिछली सरकार ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन मौजूदा सरकार ने कुछ ही महीनों में बिहार के वाल्मीकि नगर से बाघिन लाकर 8 साल पुराने प्रोजेक्ट को पूरा कर दिया। इस दौरान उन्होंने ‘प्लास्टिक मुक्त बक्सा’ और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “मैं विशेष रूप से हमारे बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का हृदय से धन्यवाद करना चाहूंगा। 2018 में जब हमने बाघों की गणना की थी, तब यहां से बाघ विलुप्त हो चुका था। कभी-कभी भूटान की बाघ सेंचुरी या असम के निकट स्थित हमारी मानस सेंचुरी से कैमरा ट्रैप में बाघ दिख जाता है।”
उन्होंने कहा कि 2018 के बाद हमने इस बात की पड़ताल की कि यहां से बाघ विलुप्त क्यों हुआ और इसके क्या कारण थे। हमने कहा था कि यहां पहले बाघ थे और भविष्य में भी रह सकते हैं, लेकिन तत्कालीन सरकार ने हमारी बात पर ध्यान नहीं दिया। हम लगातार उन्हें पत्र लिखते रहे। जो काम 2018 से 2026 तक आठ साल में नहीं हो सका, वह सुवेंदु अधिकारी ने कुछ ही महीनों में करके दिखा दिया।
उन्होंने आगे कहा, “मैं विशेष रूप से यह कहना चाहूंगा कि जिस शुरुआत को हम 2018 में करना चाहते थे, उसे आज हम पूरा कर पाए हैं। यहां शिकार के लिए पर्याप्त क्षेत्र उपलब्ध है, लेकिन इस बीच हमने दो गांवों का स्वैच्छिक पुनर्वास भी कराया है।”
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह जो टाइगर रिजर्व है, इसके लिए हम जो बाघिन लेकर आए हैं, वह वाल्मीकि नगर से लाई गई है। वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व बिहार में है, जो नेपाल की सीमा पर स्थित है। जैसे यहां बक्सा भारत में है और दूसरी ओर भूटान की सेंचुरी है, वैसे ही वाल्मीकि नगर भारत में है और उससे सटा नेपाल का तपोवन क्षेत्र है, जो टाइगर रिजर्व है। हम बिहार से यह बाघिन लेकर आए हैं।
उन्होंने कहा, “इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए मैं विशेष रूप से एनटीसीए के सभी अधिकारियों, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारियों, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) देहरादून के वैज्ञानिकों, बिहार सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार का धन्यवाद करना चाहूंगा। विशेष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मंत्री मनोज कुमार तिवारी, जो मंत्री बनने के दिन से ही बड़े उत्साह के साथ लगातार इसके लिए प्रयास करते रहे। मैं सभी का धन्यवाद करना चाहूंगा कि एक अच्छी शुरुआत हुई है और हम इसके पूरे वैज्ञानिक प्रबंधन का पूरा ध्यान रख रहे हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मेरा मानना है कि जब हम कभी चुनाव लड़ा करते थे, तो हमने उत्तर बंगाल से वादा किया था कि हमारे यहां तीन चीजें हैं, ट्रिपल टी, यानी टी, टिम्बर और टूरिज्म। पिछली सरकार में इनका बहुत दोहन हुआ। मैंने आज मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से निवेदन किया है कि यहां बुनियादी ढांचे के साथ एक अच्छा पर्यटन क्षेत्र या गांव बनाया जाए। उन्होंने कहा है कि इसकी डीपीआर बनवाएंगे, ताकि बाहर से लोग इस सुंदर क्षेत्र को देखने आएं और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले।”
उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर मैंने स्थानीय समुदाय के साथ ‘प्लास्टिक मुक्त बक्सा’ का संकल्प लिया है। मैंने कहा है कि कई जगहों पर हमने अपने टाइगर रिजर्व में यह प्रावधान किया है कि जब पर्यटकों की गाड़ी अंदर जाए तो पहले यह जांच हो कि कोई प्लास्टिक की थैली वगैरह तो नहीं है। मैंने स्थानीय स्वयं सहायता समूह की बहनों द्वारा बनाई गई जूट की थैलियां देखी हैं, वही थैलियां अंदर जानी चाहिए। प्लास्टिक की बोतल भी अंदर नहीं जानी चाहिए। हम अपने इस सुंदर टाइगर रिजर्व को प्लास्टिक मुक्त रखें।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलीपुरद्वार में सभी लोगों के साथ पिछले आठ महीनों में एक गहरा संबंध और नाता भी जुड़ा है। ये सभी लोग बड़े उत्साह के साथ काम कर रहे हैं। मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं और मुझे विश्वास है कि हम अलीपुरद्वार में ईको-टूरिज्म के नए मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उन्होंने कहा, “भारत का जो बाघ है, वह बंगाल टाइगर के नाम से पहचाना जाता है। भारत के इस द्वार पर भारत के बाघ की दहाड़ की गूंज हमें बक्सा में सुनाई देगी और यह बक्सा के पर्यटन क्षेत्र को, ग्रीन जॉब को, ग्रीन ग्रोथ को और ग्रीन रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।”
