लखनऊ, 29 सितंबर (आईएएनएस)। ईवीएम और बैलेट पेपर से मतदान की मांग को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आईएएनएस से कहा, “अखिलेश यादव को पता है कि वे जीत नहीं रहे हैं। ये सब झूठ बोलने के ठेकेदार हैं।”
भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “विपक्ष की जब कर्नाटक में जीत होती है तो ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाया जाता है। केरल में विपक्ष की सरकार बनती है तो चुनाव आयोग को निष्पक्ष कहा जाता है। वहीं, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में चुनाव हार जाने के बाद ईवीएम पर सवाल उठाया जाता है। ये दोहरा मापदंड कैसे चलेगा? जहां इनकी जीत होती है, वहां लोकतंत्र मजबूत और जहां हारे वहां चुनाव आयोग, न्यायपालिका और ईवीएम का रोना शुरू हो जाता है।”
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, “बैलेट पेपर के दौर में मतदान केंद्रों पर कब्जे होते थे। जब दो पार्टियां चुनाव लड़ती थीं तो ऐसा लगता था दो देशों के बीच चुनाव हो रहा है। मतदाता उस दौर में वापस नहीं जाना चाहता है। भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के लिए ईवीएम एक बेहतर माध्यम साबित हो चुका है। ईवीएम से हुए चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, यूपीए या एनडीए की सरकारें बनी हैं, इसलिए इसकी वैधता और पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं है।”
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा, “हम लोग काफी दिनों से कह रहे हैं कि चुनाव ईवीएम से नहीं बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। बैलेट से चुनाव के लिए हमारी पार्टी वर्षों से कह रही है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी यही कह रहे हैं। ईवीएम हैक की जा रही है, उसके साथ छेड़छाड़ की जा रही है। बैलेट से चुनाव कराए जाएंगे तो सामने तो आएगा कि किसने किसको वोट दिया। ई-वोटिंग की प्रक्रिया शुरु करनी चाहिए। इससे सरकार का बड़ा खर्चा बचेगा और मेरा वोट कोई दूसरा नहीं डाल सकता। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
समाजवादी पार्टी नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, “सपा का पहले से मानना है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से सदन में इसको लेकर वक्तव्य दिया गया है। हम ईवीएम से चुनाव जीतेंगे, तब भी हम ईवीएम के खिलाफ हैं। लोकतंत्र की मजबूती वहां है कि सबसे आखिरी पायदान पर खड़ा हुआ व्यक्ति को अगर किसी भी जगह अविश्वास आता है तो उसको हटाया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी आबादी ईवीएम पर विश्वास नहीं करती। ऐसे में अगर जरा सा भी सच है तो लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हम ईवीएम के खिलाफ थे, हैं और रहेंगे।”
