ढाका, 28 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी है। रविवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में 4 मासूमों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही खसरे जैसे लक्षणों की वजह से अब तक 712 बच्चों की जान जा चुकी है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने इन चारों मौतों को संदिग्ध खसरा मौत की श्रेणी में रखा है। इसमें कहा गया है कि चार में से एक भी कंफर्म खसरे का केस नहीं था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, संदिग्ध संक्रमण के चलते अब तक 619 बच्चों ने दम तोड़ा है, वहीं लैब से कंफर्म किए गए खसरे से मौत की संख्या 93 पर स्थिर बनी हुई है।
पिछले 24 घंटों में खसरे के 941 नए संदिग्ध मामले सामने आए। इसी दौरान 889 संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 865 बच्चों को छुट्टी दे दी गई। इसी अवधि में (पिछले 24 घंटों) 116 नए कन्फर्म मामले दर्ज किए गए।
देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 99,207 है। वहीं लैब टेस्टेड कन्फर्म मामलों की कुल संख्या 11,710 तक पहुंच गई।
डीजीएचएस के अनुसार, 10 अप्रैल से अब तक 82,844 संदिग्ध खसरा मरीजों को देशभर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 79,152 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र ‘द डेली स्टार’ ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि बांग्लादेश में खसरे के मामलों में कमी नहीं आने के दो प्रमुख कारण हैं। पहला, सभी क्षेत्रों में 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, और दूसरा, अस्पतालों तथा समुदायों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण संबंधी उपायों का पर्याप्त पालन नहीं हो रहा है। यह जानकारी बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार ने दी।
इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने नई वैक्सीन खरीद प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया में देश के टीकाकरण कार्यक्रम को बाधित किया, जिससे खसरे के प्रकोप की स्थिति और गंभीर हो गई।

