मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका की तरह भारत में अचानक सत्ता परिवर्तन नहीं हो सकता है।
मुंबई में रामदास आठवले ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आरएसएस प्रमुख के तौर पर मोहन भागवत ने नागपुर से देश को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में लोगों को विरोध करने का अधिकार तो है, लेकिन बांग्लादेश की तरह आंदोलन के जरिए सत्ता बदलने की कोशिश हमारे देश में संभव नहीं है। हमारे पास डॉ. बीआर अंबेडकर का संविधान है। बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका की तरह भारत में अचानक सत्ता परिवर्तन नहीं हो सकता। हमारे देश में राजनीतिक बदलाव तभी होता है, जब कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए मतदाताओं से जनादेश और बहुमत हासिल करती है। केवल विरोध-प्रदर्शन के जरिए किसी सरकार को नहीं पलटा जा सकता। आंदोलन करने वालों को शांति से आंदोलन करना चाहिए, गलत विषय पर आंदोलन करने से कुछ नहीं होगा। राहुल गांधी लोगों में भ्रम फैला रहे हैं, वह ठीक नहीं है। सीजेपी नीट के लिए स्थापित हुई थी, जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। इसके साथ ही साथ पेपर लीक मामले में कठोर कानून भी बनाया गया था।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौता के बारे में आठवले ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ व्यापार समझौता बहुत महत्वपूर्ण है। यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने और बेहतर बनाने का काम करेगा। इससे कई बेरोजगार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। न्यूजीलैंड में बहुत से भारतीय रहते हैं। इसके अलावा, इस व्यापार समझौते का बहुत बड़ा महत्व है और इससे दोनों देशों को फायदा होगा, इसलिए मैं इस समझौते का स्वागत करता हूं। इस तरह के समझौते सभी देशों के साथ होने चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के ‘एक्स’ पोस्ट पर उन्होंने कहा कि यूरोप में आंदोलन चल रहा है। सरकार की ओर से ठीक फैसले नहीं लिए गए, वहां हिंसक आंदोलन चल रहा है। संजय राउत ने कहा कि कोर्ट को जलाया गया है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं हो सकता है। वे सत्ता से बाहर हैं, इसलिए भ्रम पैदा कर रहे हैं।
दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए रामदास आठवले ने कहा कि पूरे देश में दशहरा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इससे पहले नवरात्रि का त्योहार आता है। मुंबई, गुजरात, राजस्थान या दिल्ली जैसी कई जगहों पर गरबा और डांडिया का आयोजन होता है, जिसमें युवा और हर उम्र के लोग शामिल होते हैं और बहुत खुशी के साथ जश्न मनाते हैं। दशहरा एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी दिन है।
