पटना, 4 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जनसुराज और राजद पर निशाना साधते हुए दोनों दलों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजद और जनसुराज में पहले से ही मैच फिक्स था। तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर एक दूसरे को न जाने क्या-क्या कहते थे। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आने वाले समय में दोनों मिलकर काम करेंगे।
गिरिराज सिंह ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि विपक्ष इतना खुश क्यों है। जनता के फैसले का सम्मान किया जाता है, लेकिन प्रशांत किशोर की जीत पर कांग्रेस जश्न मना रही है, जबकि उसका कोई उम्मीदवार मैदान में ही नहीं था। उनके सहयोगी राजद तीसरे स्थान पर रहे।”
उन्होंने प्रशांत किशोर से सवाल करते हुए कहा, ” विधानसभा चुनाव 2025 में 243 विधानसभा सीटों में से 138 सीटों पर आपकी क्या स्थिति थी? आप एक भी सीट नहीं जीत पाए। जनता के फैसले पर इतना घमंड मत कीजिए। हो सकता है हमसे कुछ गलतियां हुई हों, जनता ने उसकी सजा दी और हम उसे स्वीकार करते हैं।”
बांकीपुर को बेंगलुरु बनाने के प्रशांत किशोर के दावे पर भी गिरिराज सिंह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि मैं प्रशांत किशोर से पूछना चाहता हूं कि भाजपा ने आखिर कब ऐसा बयान दिया था। झूठा नैरेटिव खड़ा किया गया। अब मैं भी देखूंगा कि वे बांकीपुर को बेंगलुरु कैसे बनाते हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा कि भाजपा इस हार से सीख लेगी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में मिली सीख सिर-आंखों पर है, लेकिन बिहार चुनाव में लगभग हर सीट पर जमानत जब्त कराने वाले प्रशांत किशोर, कहीं नजर नहीं आने वाली कांग्रेस और तीसरे नंबर पर खिसक चुकी राजद की यह खुशी समझ से परे है।
उन्होंने 2009 के उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी विपक्ष इसी तरह जश्न मना रहा था, लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए को 202 सीटें देकर सरकार बनाई थी। बिहार कभी जंगलराज और गुंडाराज की वापसी स्वीकार नहीं करेगा।
गिरिराज सिंह ने संसद में विपक्ष के व्यवहार पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में कई दिग्गज विपक्षी नेता रहे, जिन्होंने गरिमा के साथ जनता की आवाज उठाई। आज का विपक्ष सोची-समझी रणनीति के तहत सिर्फ नौटंकी कर रहा है। सदन के बाहर सनातन धर्म का अपमान करना और सदन के भीतर कामकाज ठप करना विपक्ष की गलत मानसिकता को दर्शाता है।

