बरेली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बरेली में चल रहे विश्व प्रसिद्ध उर्स-ए-आला हजरत के दूसरे दिन जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले जायरीनों और सावन माह में निकल रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए पूरे शहर को सुरक्षा के अभेद्य घेरे में रखा गया है। लगभग 3 हजार पुलिसकर्मियों, पीएसी की छह कंपनियों, ड्रोन कैमरों और अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अब तक पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उर्स के दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती गई है। पूरे आयोजन में करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वर्दीधारी पुलिसकर्मी सभी प्रमुख स्थानों, संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में तैनात हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पूरे क्षेत्र में पीएसी की छह कंपनियां भी तैनात की गई हैं। संवेदनशील स्थानों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए की जा रही है। इसके लिए पुलिस लाइन स्थित जोनल कंट्रोल रूम और नगर निगम भवन में स्थापित आई-ट्रिपलसी कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
एसएसपी ने कहा कि सभी विभागों और आम लोगों के सहयोग से उर्स का आयोजन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए पूरे उर्स क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और आई-ट्रिपलसी कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे जनपद की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से भी पूरे जोन की निगरानी की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि जायरीन और कांवड़ यात्री किस मार्ग से आ-जा रहे हैं।
डीएम ने बताया कि 10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार होने के कारण बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भी बरेली से गुजरेंगे। ऐसे में उर्स और कांवड़ यात्रा का समय लगभग एक साथ होने के कारण प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है, ताकि दोनों धार्मिक आयोजनों का संचालन शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। प्रशासन और पुलिस दोनों आयोजनों पर बराबर नजर बनाए हुए हैं और यातायात तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि उर्स की इंतजामिया कमेटी ने सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का परिचय देते हुए कार्यक्रम की एक तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही, सभी जायरीनों से अपील की गई कि पूरे आयोजन के दौरान लगाए जाने वाले लंगरों में केवल शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा। इस पहल का सभी लोगों ने दिल से स्वागत किया है। उन्होंने उर्स इंतजामिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय ने बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि उर्स के समापन तक सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलती रहें और बाहर से आने वाले सभी जायरीन सुरक्षित एवं संतुष्ट होकर अपने घर लौटें। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन चाहता है कि जब जायरीन अपने-अपने शहरों और राज्यों में लौटें तो वे बरेली की मेहमाननवाजी, सुरक्षा व्यवस्था, आपसी भाईचारे और बेहतर व्यवस्थाओं की सकारात्मक यादें अपने साथ लेकर जाएं। प्रशासन का मानना है कि इसी तरह के प्रयास बरेली की सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेंगे।

