भोपाल, 24 जून (आईएएनएस)। भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने समान नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) को लेकर कहा कि यह कानून बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का कानून है। दरअसल, राज्य की मोहन यादव सरकार जुलाई में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी का प्रारूप लाने की तैयारी में है और इसके लिए प्रदेशवासियों से सुझाव भी आमंत्रित किया जा रहे हैं।
राज्य में यूसीसी कानून लाने के लिए चल रही कोशिशों के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का एक बयान आया है। उन्होंने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि यह कानून सच में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का कानून है और जो अबोध बच्चे हैं, जो बच्चे हैं उनकी शिक्षा और सुरक्षा का कानून है।
उन्होंने कहा कि इस कानून के पक्षधर संविधान निर्माता डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर भी थे और समान नागरिक कानून लागू करने की मंशा बाबासाहेब अंबेडकर की भी रही है, लेकिन नेहरू तथा उस समय की सरकार व नेता यह नहीं चाहते थे कि यह कानून लागू हो। बाबा साहब हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि एक देश में एक विधान, एक प्रधान और एक निशान चलना चाहिए।
भाजपा विधायक शर्मा का दावा है कि यूसीसी मौलवियों की जो जबरदस्ती है उसको खत्म करेगा और बेटी सम्मान की जिंदगी जिएगी। वह बेटी चाहे हिंदू की हो, जैन की हो, बौद्ध की हो, इसाई की हो या मुसलमान की हो, मगर वह बेटी हिंदुस्तान की है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में आमजन से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं।
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि अब तक 9 लाख से ज्यादा लोगों के सुझाव आ चुके हैं। इनमें से 90 फीसदी सुझाव इस कानून के पक्ष में है। सरकार की कोशिश है कि वह इस प्रारूप को आगामी विधानसभा सत्र में पेश कर दे।

