Monday, June 29, 2026
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भारत के फ्री ट्रेड और माइग्रेशन समझौते से युवाओं के लिए खुलेंगे विदेश में रोजगार के नए अवसर : कीर्ति वर्धन सिंह

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गोंडा, 29 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) और माइग्रेशन एंड मोबिलिटी समझौते देश के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसर लेकर आने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि इन समझौतों के लागू होने के बाद कुशल युवाओं, नर्सों, तकनीशियनों, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, बढ़ई और अन्य प्रशिक्षित पेशेवरों को कानूनी और सुरक्षित तरीके से विदेशों में नौकरी करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें आसान वीजा प्रक्रिया, सरकारी निगरानी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में भारत ने कई देशों के साथ महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इन समझौतों का एक अहम हिस्सा ‘माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट’ है, जिसके माध्यम से भारतीय युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के रास्ते अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश के लाखों लोग रोजगार के लिए विदेश जाते हैं। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों के बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, करीब 90 लाख भारतीय खाड़ी देशों में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं, हालांकि अभी बड़ी संख्या में लोग निजी एजेंटों के माध्यम से विदेश जाते हैं, जहां उन्हें वीजा संबंधी समस्याओं, आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई लोग विदेश जाने के लिए अपनी जमीन बेच देते हैं, कर्ज लेते हैं या भारी रकम खर्च करते हैं। कई बार गैर-पंजीकृत एजेंट उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि नए माइग्रेशन एंड मोबिलिटी समझौतों के लागू होने के बाद यह व्यवस्था काफी हद तक बदल जाएगी।

उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ, जर्मनी, रूस, न्यूजीलैंड समेत कई देशों के साथ हुए समझौतों के तहत भारत के कुशल युवाओं को एक औपचारिक और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से वीजा मिलेगा। इससे उन्हें किसी अवैध एजेंट या फर्जी दस्तावेजों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। विदेश जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड भारत सरकार के पास रहेगा, जिससे भारतीय दूतावास और मिशन विदेशों में उनके हितों की निगरानी कर सकेंगे।

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यदि किसी भारतीय नागरिक के साथ विदेश में किसी प्रकार की धोखाधड़ी, शोषण या अन्य समस्या होती है तो सरकार उसके हितों की बेहतर तरीके से रक्षा कर सकेगी। इससे भारतीय कामगारों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और उन्हें सम्मानजनक वातावरण में रोजगार मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल विदेश भेजने की व्यवस्था ही नहीं कर रही है, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। केंद्रीय बजट में कौशल विकास के लिए बड़े स्तर पर प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत डिजिटल तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, प्लंबिंग, मशीन संचालन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उनका मानना है कि प्रशिक्षित और प्रमाणित युवा न केवल बेहतर रोजगार हासिल करेंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन समझौतों से संबंधित कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी और इसका लाभ युवाओं को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और सुरक्षित तरीके से वैश्विक अवसरों तक पहुंचाना है।