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भारत की जनता देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों के झांसे में नहीं आएगी: रोहन गुप्ता

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अहमदाबाद, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने इंडिया ब्लॉक की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च को देश के खिलाफ षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों के झांसे में जनता नहीं आएगी।

आईएएनएस से बातचीत में रोहन गुप्ता ने केरल कांग्रेस की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को लेकर किए गए एक एक्स पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की वास्तविक मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो भी व्यक्ति संवैधानिक पद पर बैठा है और कांग्रेस की विचारधारा या उसके रुख के अनुरूप काम नहीं करता, उससे इस्तीफे की मांग क्यों की जाने लगती है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस इस तरह की टिप्पणी के लिए माफी मांगेगी।

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के बारे में इस तरह की टिप्पणी कैसे की जा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे चुनाव आयुक्त हों, मुख्य न्यायाधीश हों या राष्ट्रपति, यदि कोई संवैधानिक पदाधिकारी कांग्रेस की बात से सहमत नहीं होता, तो पार्टी हर बार अराजकता फैलाने की कोशिश करती है। चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाने के बाद विपक्ष खतरनाक राजनीति कर रहा है। देश की जनता विपक्ष की वास्तविकता जानती है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरे देश में नकारात्मक राजनीति कर रहा है। गुजरात हो या कोई अन्य राज्य, उपचुनाव हों या स्थानीय निकाय चुनाव, मतदाता लगातार कांग्रेस और विपक्ष को उनकी स्थिति का एहसास करा रहे हैं, लेकिन वे अपनी राजनीति बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। विपक्ष को एहसास हो गया है कि वह जनता के समर्थन से चुनाव नहीं जीत सकता। इसलिए अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए गड़बड़ी पैदा करने और एक विशेष नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। जनता भाजपा को अपना समर्थन और आशीर्वाद देती रहेगी।

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोपों पर रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को महिला पत्रकार के साथ किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए। सोमवार को जिस तरह का मार्च निकाला गया, इसका मुख्य उद्देश्य अराजकता फैलाना था। यदि कोई व्यक्ति संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी पर आरोप लगाता है, तो उसे अपने दावों के समर्थन में सबूत भी देने चाहिए।

दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व नेता आनंद दुबे ने राहुल गांधी से स्मित मच्छार के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनमें जरा भी नैतिक साहस बचा है, तो उन्हें स्मित मच्छार के साहस की प्रशंसा करते हुए एक पोस्ट करना चाहिए। यदि वह ऐसा करते हैं, तो देश उनके साथ खड़ा होगा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के इस अनुमान पर कि भारत 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, आनंद दुबे ने कहा कि यह देश के लिए सौभाग्य की बात है कि यहां शारदीय नवरात्रि मनाई जा रही है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता रानी अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आती हैं। यदि भारत की विकास दर 7 प्रतिशत तक पहुंच रही है तो यह एक बड़ी उपलब्धि है और इससे देश की तेज आर्थिक प्रगति का संकेत मिलता है।