Sunday, June 21, 2026
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Home अंतर्राष्ट्रीय उपराष्ट्रपति की ऐतिहासिक यात्रा, भारत-श्रीलंका रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर

उपराष्ट्रपति की ऐतिहासिक यात्रा, भारत-श्रीलंका रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर

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कोलंबो/नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। यह किसी भी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा मानी जा रही है, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ती है।

पहले दिन उपराष्ट्रपति किन से मिले और किन अहम मुद्दों पर चर्चा की, इस पर विदेश मंत्रालय ने प्रकाश डाला। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि उपराष्ट्रपति रविवार सुबह कोलंबो पहुंचे और उनके साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है।

यात्रा की शुरुआत, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की मुलाकात से हुई। फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई जिसमें दिसानायके ने भारत और श्रीलंका के बीच “मजबूत सभ्यतागत संबंधों” को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2022 के आर्थिक संकट और दिसंबर 2025 में आए ‘दितवाह’ चक्रवात के दौरान भारत ने “पहले मददगार” की भूमिका निभाई, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए।

मिस्री के अनुसार, वार्ता के दौरान बंदरगाह, ऊर्जा, डिजिटल और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत के निवेश और चल रही परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। दितवाह से हुए नुकसान के बाद पुनर्निर्माण में भारत ने मदद करते रहने की प्रतिबद्धता जताई।

राष्ट्रपति दिसानायके ने डिजिटल, आईटी और तकनीकी क्षेत्रों में भारत से सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारी श्रीलंका को तेजी से बढ़ते डिजिटल सेक्टर में नए अवसर तलाशने में मदद करेगी।

मिस्री के अनुसार, वार्ता के दौरान बंदरगाह, ऊर्जा, डिजिटल और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत के निवेश और चल रही परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। दितवाह से हुए नुकसान के बाद पुनर्निर्माण में भारत ने मदद करते रहने की प्रतिबद्धता जताई।

इस दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने हाल ही में श्रीलंका की हिरासत से रिहा किए गए भारतीय मछुआरों के मुद्दे पर श्रीलंका सरकार का आभार जताया। करीब 47 मछुआरों को हाल में ही रिहा किया गया। उन्होंने इस मुद्दे पर संवाद जारी रखने की जरूरत पर बल दिया।

भारत ने मेधावी छात्रों की मदद करने के सिलसिले को जारी रखते हुए छात्रवृत्ति बढ़ाने का निर्णय लिया। ‘सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट’ छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों की संख्या को 350 से बढ़ाकर 700 करने की घोषणा भी की गई है। उप राष्ट्रपति नेता प्रतिपक्ष से भी मिले।

उप राष्ट्रपति के सम्मान में भारतीय प्रवासियों ने कोलंबो में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जहां उन्होंने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की। अब श्रीलंका में ओसीआई कार्ड प्राप्त करने के लिए स्थानीय सरकार की ओर से जारी दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया आसान होगी।

विदेश सचिव ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क की परंपरा को आगे बढ़ाती है और भारत-श्रीलंका के सदियों पुराने “लोग-से-लोग” संबंधों को और सुदृढ़ करेगी।