नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। सीपीआई (एम) के नेता हन्नान मोल्लाह ने केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर जोरदार जुबानी हमला बोला है। भारत-पाकिस्तान युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा यह कहे जाने कि युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करवाया था, हन्नान मोल्लाह ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि ट्रंप इस तरह के दावे लगातार करते रहे हैं और अब पाकिस्तान की ओर से भी यही बात कही जा रही है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब इतने लोग इस बारे में बोल रहे हैं तो प्रधानमंत्री को भी अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए। लंबे समय तक चुप रहने से लोगों को अलग-अलग अर्थ निकालने का मौका मिलता है। सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी कई जानकारियों को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान भारतीय सैनिकों के हताहतों की संख्या को लेकर भी सरकार की ओर से लंबे समय तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। सेना और सैन्य अभियानों को लेकर सरकार की कथित चुप्पी का असर राजनीतिक तौर पर भी दिखाई देता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा नेहरू-गांधी परिवार पर सत्ता के लिए देश के विभाजन का आरोप लगाए जाने पर भी हन्नान मोल्लाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मुद्दा है और बीजेपी इसे बार-बार दोहराती रही है। भाजपा के पास सरकार के कामकाज के पक्ष में जनता के सामने रखने के लिए पर्याप्त उपलब्धियां नहीं हैं, इसलिए वह बार-बार पुराने मुद्दों को उठाती है। उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा, संविधान और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल किए।
उन्होंने कहा कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। जनता अपने अनुभव और अपने सामने हुई घटनाओं के आधार पर सरकार के कामकाज का आकलन करती है। भावुक होना राजनीतिक प्रदर्शन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अलग-अलग मौकों पर भावुक होकर जनता के सामने अपनी बात रखते हैं, लेकिन इससे वास्तविक मुद्दे खत्म नहीं होते। देश की प्रगति को केवल किसी एक सरकार या किसी एक दौर से जोड़कर नहीं देखी जा सकती। आज देश में मौजूद अधिकांश बुनियादी ढांचा और विकास पिछले कई दशकों के दौरान हुआ है।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मोल्लाह ने कहा कि किसी झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता। जनता अपने अनुभव के आधार पर राजनीतिक दावों और वास्तविकता के बीच अंतर समझती है।
राहुल गांधी की ओर से आरएसएस पर की गई टिप्पणी पर हन्नान मोल्लाह ने कहा कि भारतीय परंपरा में हिंदू धर्म और सनातन परंपरा की विशेषता उसकी विविधता रही है। सनातन परंपरा में अलग-अलग देवी-देवताओं, ग्रंथों, विचारों और धार्मिक परंपराओं के लिए स्थान रहा है। आरएसएस और बीजेपी एकरूपता पर आधारित धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था को बढ़ावा देने की कोशिश में है। भारत की धार्मिक परंपरा को किसी एक नेता, एक धार्मिक गुरु या एक किताब तक सीमित नहीं किया जा सकता। भारतीय धार्मिक परंपरा की ताकत उसकी विविधता और विचारों की बहुलता में रही है।
हर घर तिरंगा अभियान को लेकर प्रियांक खड़गे की ओर से की गई टिप्पणी पर मोल्लाह ने कहा कि इस टिप्पणी में उठाया गया सवाल उचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस का स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक आरएसएस ने राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं किया और अब तिरंगे को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो संगठन या लोग किसी मुद्दे पर अतीत में आलोचना का सामना करते हैं, वे बाद में उसी मुद्दे को जोर-शोर से प्रदर्शित करके अपनी छवि बदलने की कोशिश कर सकते हैं।

