भोजशाला केस: केशव प्रसाद मौर्य ने हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत

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लखनऊ, 16 मई (आईएएनएस)। भोजशाला परिसर को मंदिर करार दिए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हम तहे दिल से इसका स्वागत करते हैं। लोग बहुत लंबे समय से भोजशाला को लेकर संघर्ष और आंदोलन कर रहे थे।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है, उससे हिंदुओं में खुशी की लहर है। जो मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले हैं वे मातम मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने इस लड़ाई को लड़ा है, उनको हम बधाई देते हैं।

इंदौर उच्च न्यायालय के वकील विनय जोशी ने कहा कि हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भोजशाला के संबंध में अपना फैसला हिंदुओं के पक्ष में सुनाया। इसी मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दाखिल की है। अगर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाता है तो हमें भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। हम इसके लिए तैयार हैं।

वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इससे पहले ऐसे दस्तावेज और रिकॉर्ड मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि राजा ने मस्जिद के लिए जमीन दान की थी। अगर हाईकोर्ट ने कोई फैसला सुनाया है तो हमें सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का पूरा अधिकार है।

कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह से एकतरफा है। हम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। असल में, हिंदू पक्ष हमसे पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिससे यह साफ पता चलता है कि उन्हें भी फैसले पर शक है।

एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कहा कि सबसे पहले मैं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के इस फैसले से पूरी विनम्रता के साथ असहमति जताता हूं, जो उन्होंने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में दिया है। यह फैसला ही गलत है, इसे बिना सोचे-समझे दिया गया है, और इसमें कई बातों को नजरअंदाज कर दिया गया है। इन बातों पर ध्यान दिए बिना ही यह फैसला सुना दिया गया है।