पटना, 15 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के गयाजी में पितरों के मोक्ष की कामना लेकर उमड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले चार वर्षों में पितृपक्ष मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 4 गुना बढ़ी है। वर्ष 2022 में 9.40 लाख पर्यटकों की संख्या दर्ज की गई थी जो 2025 में बढ़कर 34.79 लाख तक पहुंच गई।
पर्यटन विभाग ने इस वर्ष करीब 50 लाख लोगों के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए गयाजी से पुनपुन तक व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले में पर्यटकों को आवास, परिवहन, पिंडदान, भोजन और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने की योजना है।
पितृपक्ष मेले में लोगों की बढ़ती संख्या पिछले चार वर्षों के आंकड़ों से साफ दिखाई देती है। वर्ष 2022 में कुल 9 लाख 40 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे थे। इनमें 9 लाख 38 हजार देशी और 1518 विदेशी पर्यटक शामिल थे। वर्ष 2023 में संख्या बढ़कर 29 लाख 89 हजार हो गई, जिसमें 29 लाख 6 हजार देशी और 82 हजार विदेशी पर्यटक थे।
वर्ष 2024 में कुल 30 लाख 59 हजार पर्यटक पहुंचे, जिनमें 29 लाख 04 हजार देशी और 1 लाख 55 हजार विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इसके बाद वर्ष 2025 में फिर बड़ी वृद्धि हुई और कुल 34 लाख 79 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे। इनमें 34 लाख 77 हजार देशी और 1807 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
लोगों की संभावित संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं का दायरा भी बढ़ाया गया है। गयाजी में 2500 बेड की आधुनिक टेंट सिटी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही 1000 बेड की आधुनिक धर्मशाला की व्यवस्था होगी। पुनपुन घाट पर एक साथ करीब 5000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला पंडाल तैयार किया जा रहा है।
मेले में आने वाले पर्यटकों को रास्ते, आवास, पिंडदान स्थल और अन्य सुविधाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए पर्यटक सूचना केंद्र और विशेष हेल्पलाइन की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय आवागमन को सुगम बनाने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा तथा पर्यकों को धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध रहेंगे। होटल और धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
