पटना, 12 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान कुल क्षमता के मुकाबले करीब 98 प्रतिशत नामांकन हुआ है। राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ शोध, आधुनिक पाठ्यक्रम, कौशल विकास और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर विशेष जोर दे रही है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने शनिवार को राज्य के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) की मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन फिलहाल प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि 2022-23 की तुलना में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे राज्य में तकनीकी शिक्षा का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च फंड को मौजूदा 2-3 लाख रुपये से बढ़ाकर प्रति परियोजना 20 से 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों को शोध से जोड़ा जा रहा है।
शीला कुमारी ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय तथा भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित करने के लिए गूगल के साथ समन्वय तथा एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समन्वय अंतिम चरण में है। वहीं, छात्रों को विदेशों में रोजगार के अवसरों के लिए जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट की भी योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल स्थापित करने के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इसके अलावा रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी के क्षेत्र में भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि समीक्षा बैठक में शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति के साथ संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। जिन पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रावास की व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक कॉलेज में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी प्लेसमेंट का प्रतिशत बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है।
