पटना, 24 मई (आईएएनएस)। राजद के महिला प्रकोष्ठ की बिहार प्रदेश की अध्यक्ष रही रितु जायसवाल अब भाजपा में शामिल होने जा रही हैं। रितु जायसवाल 26 मई को भाजपा में शामिल होंगी। रितु जायसवाल ने सीतामढ़ी के सोनबरसा ब्लॉक में सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया के रूप में अपने काम से बिहार की राजनीति में अलग पहचान बनाई थी।
रितु पहले नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में थीं, इसके बाद वह लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में पहुंचीं और वहां उन्हें कई जिम्मेदारियां मिलीं। उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही वह पार्टी की प्रवक्ता रहीं। उन्होंने रविवार को भाजपा में शामिल होने की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की है। वे 26 मई को दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे तक पटना स्थित भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में सादगीपूर्ण तरीके से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगी। यह कार्यक्रम सादगी वाला होगा, जिसमें वाहनों का काफिला नहीं होगा।
रितु जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय में देश अनेक चुनौतियों एवं संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा भी ऊर्जा और ईंधन की बचत पर विशेष बल दिया गया है। ऐसे समय में मुझे लगता है कि अनावश्यक भीड़, लंबा काफिला एवं दिखावा उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि जो जहां कहीं भी हों, वहीं से अपना आशीर्वाद, शुभकामनाएं एवं समर्थन प्रदान करें। यदि कार्यक्रम में आने का मन बना ही लिया हो तो कृपया यथासंभव सार्वजनिक परिवहन अथवा शेयरिंग वाहन का प्रयोग करें, ताकि अनावश्यक ईंधन की बचत हो सके और हम सब मिलकर एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दे सकें।
उन्होंने कहा कि पटना एवं आसपास के लोग जो बिना अतिरिक्त ईंधन खर्च किए सहज रूप से कार्यक्रम स्थल तक पहुँच सकते हों, वे आकर अपना स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ दे सकते हैं। बता दें कि रितु जायसवाल का राजद से नाता टूटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान ही तय हो गया था। रितु 2020 में परिहार सीट से बेहद मामूली अंतर से चुनाव हारी थीं।
हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। फैसले से नाराज होकर रितु ने बगावती तेवर अपनाए और परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं। निर्दलीय लड़ने के बावजूद उन्होंने 60 हजार से अधिक वोट हासिल किए और राजद उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। राजद ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।
–आईएएनएस
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