पटना, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दुर्गा पूजा से पहले उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री सह गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को गोपालगंज में बाढ़ प्रभावित किसानों से मुलाकात कर फसल नुकसान की जानकारी ली और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। राज्य के 18 जिलों में पहले ही फसल क्षति का आकलन कराया जा चुका है। संबंधित जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा से पहले प्रभावित किसानों के खाते में फसल क्षति की राशि पहुंचाने की तैयारी है। गोपालगंज दौरे के दौरान विजय सिन्हा ने बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में तटबंध टूटने के मामले की भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इस बीच, शनिवार को कुछ स्थानों में नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है, हालांकि अभी भी कई स्थानों पर गंगा, गंडक अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। शनिवार को पटना के गांधीघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 104 सेंटीमीटर ऊपर था।
दीघाघाट में जलस्तर 29 सेंटीमीटर और हाथीदह में 92 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे में दीघाघाट और गांधीघाट में 19-19 सेंटीमीटर तथा हाथीदह में सात सेंटीमीटर कमी की संभावना जताई गई है। मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे थी, जबकि भागलपुर में पांच सेंटीमीटर नीचे जलस्तर दर्ज किया गया। वहीं कहलगांव में गंगा 69 सेंटीमीटर और साहेबगंज में 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। कहलगांव और साहेबगंज में जलस्तर बढ़ने का अनुमान है।
पटना के मनेर में सोन नदी खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर थी, जबकि सिवान के दरौली और गंगपुर सिसवन में घाघरा क्रमश: 86 और 26 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। दोनों स्थानों पर अगले 24 घंटे में जलस्तर घटने की संभावना है। मुजफ्फरपुर के रेवाघाट में गंडक 29 सेंटीमीटर तथा डुमरियाघाट में 110 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। दोनों स्थानों पर जलस्तर में कमी का अनुमान है।
वैशाली के हाजीपुर में गंडक खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर नीचे थी। खगड़िया में बूढ़ी गंडक 96 सेंटीमीटर ऊपर थी और इसमें वृद्धि की संभावना है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती 83 सेंटीमीटर ऊपर थी। मधुबनी के कमतौल में अधवारा समूह की नदी 41 सेंटीमीटर ऊपर थी और वृद्धि का अनुमान है। खगड़िया के बलतारा में कोसी 46 सेंटीमीटर तथा कटिहार के कुरसेला में 50 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर तक नेपाल के गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती-अधवारा और महानंदा के जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से सामान्य वर्षा तथा अन्य क्षेत्रों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।
