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बिहार में नदियों के जलस्तर में गिरावट, गंगा समेत कई नदियां अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर

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पटना, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रमुख नदियों के जलस्तर में अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है। जल संसाधन विभाग के बुधवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार, गंगा के पटना समेत कई प्रमुख स्थलों पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर नीचे आया है।

हालांकि, कई स्थानों पर गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुछ स्थानों पर जलस्तर स्थिर है, जबकि कोसी और बागमती में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति भी दर्ज की गई है।

पटना के दीघा घाट में गंगा का जलस्तर मंगलवार को 51.54 मीटर था, जो बुधवार सुबह घटकर 51.30 मीटर रह गया। यानी 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद नदी यहां खतरे के निशान 50.45 मीटर से 0.85 मीटर ऊपर है। गांधीघाट में जलस्तर 50.31 मीटर से घटकर 50.12 मीटर हुआ, जबकि हाथीदह में 43.41 से घटकर 43.31 मीटर दर्ज किया गया।

गांधीघाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.52 मीटर और हाथीदह में 1.55 मीटर ऊपर बह रही है। मुंगेर में भी जलस्तर 40.08 मीटर से घटकर 39.93 मीटर हुआ है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.60 मीटर पर स्थिर है, जो खतरे के निशान से 0.92 मीटर ऊपर है।

वहीं, कहलगांव में जलस्तर 32.77 से बढ़कर 32.81 मीटर हो गया है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, कोसी नदी में कुछ स्थानों पर जलस्तर बढ़ रहा है। खगड़िया के बलतारा में यह 35.26 मीटर है, जो खतरे के निशान 33.85 मीटर से 1.41 मीटर ऊपर है। कटिहार के कुरसेला में कोसी 31.55 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 1.55 मीटर ऊपर है। बागमती मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 49.16 मीटर पर बह रही है और खतरे के निशान से 0.48 मीटर ऊपर है।

जलसंसाधन विभाग के मुताबिक, वीरपुर बराज से कोसी का डिस्चार्ज 1,49,300 क्यूसेक से घटकर 1,41,740 क्यूसेक, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक का 88,300 से घटकर 86,000 क्यूसेक और इंद्रपुरी बराज से सोन का 1,05,659 से घटकर 80,085 क्यूसेक हो गया है। तीनों स्थानों पर जलस्राव की प्रवृत्ति गिरती हुई दर्ज की गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, विभिन्न नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण राज्य के 14 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया एवं अरवल के 84 प्रखण्डों में 514 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत लगभग 40.21 लाख जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हुई है।