पटना, 4 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा से गाद निकालने को लेकर नीतीश कुमार ने जो अभियान चलाया था, वह सफल हुआ है। इस संबंध में दिल्ली में एक बड़ा समझौता हुआ है, जिससे बिहार को बाढ़ से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को गंगा से गाद निकालने के लिए भारत सरकार के साथ हुए समझौते की जानकारी दी। नीतीश कुमार ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था। उनके काम और सपनों को पूरा करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारत सरकार के साथ समझौता हुआ है। इसके तहत गंगा सहित अन्य प्रमुख नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निकाली गई गाद का इस्तेमाल बिहार में भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे दो बड़े फायदे होंगे। बिहार में बाढ़ की स्थिति में राहत मिलेगी और खेतों की मिट्टी के कटाव से बचाव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए केंद्र सरकार और सड़क परिवहन मंत्रालय को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में बेहतर व्यवस्था और सुशासन स्थापित किया है तथा राज्य को संगठित अपराध से मुक्त किया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और नीतीश कुमार के सहयोग से बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात के दौरान रेलवे मंत्री से छठ और दीपावली पर बिहार आने वाले लोगों के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। पिछली बार 10 हजार से अधिक जोड़ी ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार उससे अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि गया के आईएमसी में बन रहे औद्योगिक कॉरिडोर की तर्ज पर राज्य में पांच अन्य स्थानों पर भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्ताव केंद्र को सौंपे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाएगी। राज्य में करीब 13 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है और अब तक एक हजार से अधिक उद्योगों को अवसर दिया गया है। पटना में कंट्रोल एस का डाटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है और वहां काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक कॉरिडोर के लिए पर्यावरणीय मंजूरी जल्द देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में इको-टूरिज्म विकसित करने के लिए भी केंद्र से स्वीकृति मांगी गई है, ताकि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से काम आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा रेल मंत्री से अयोध्या से सीतामढ़ी के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया गया है, जिससे भगवान राम की जन्मस्थली और माता सीता की जन्मस्थली को सीधे रेल सेवा से जोड़ा जा सके।
