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बिहार: पितृपक्ष में ‘मोक्षस्थली’ गयाजी में उमड़ी आस्था की भीड़, एक दिन में 4.56 लाख श्रद्धालु पहुंचे

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गया, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष के 10वें दिन मोक्षस्थली के रूप में देश और दुनिया मे प्रसिद्ध बिहार के गयाजी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर सहित विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर सोमवार को 4.56 लाख श्रद्धालु, पिंडदानी और तीर्थयात्री पहुंचे।

इसके साथ ही पितृपक्ष मेला शुरू होने से अब तक गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 37,50,200 हो गई है। बढ़ती भीड़ के बीच जिला प्रशासन ने सुरक्षा, सुगम दर्शन, स्वच्छता और चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है।

रविवार शाम देवघाट पर आयोजित लेजर शो के दौरान अप्रत्याशित भीड़ और गयाजी डैम के फुट ओवर ब्रिज पर अत्यधिक दबाव की स्थिति उत्पन्न होने के बाद जनसुरक्षा के मद्देनजर लेजर शो को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।

जल संसाधन विभाग, गया की ओर से भी फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ के अत्यधिक दबाव को लेकर अलर्ट किया गया था। इसके बाद नगर निगम, गयाजी ने शो स्थगित करने का निर्णय लिया।

इधर, सोमवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर और आसपास के मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने विष्णुपद मंदिर के बाहरी परिसर, गर्भगृह, निकास द्वार, घाट, श्मशान घाट, गया कूप वेदी, संवास सदन स्थित कंट्रोल रूम और मेडिकल कैंप का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से भीड़, श्रद्धालुओं के आवागमन, स्वच्छता, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सुगम एवं सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विष्णुपद मंदिर के निकास द्वार के समीप मध्य प्रदेश से आई एक वृद्ध महिला श्रद्धालु भीड़ के कारण असहज हो गईं। डीएम ने स्वयं उनके पास पहुंचकर उन्हें सहारा दिया और सुरक्षित स्थान पर बैठाया। उन्होंने महिला को पानी पिलाया और उनका हालचाल जाना। इसके बाद मेडिकल टीम को उनकी स्वास्थ्य जांच करने तथा जरूरत के अनुसार ग्लूकोज और दवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

डीएम ने अधिकारियों को विशेष रूप से बुजुर्ग, महिला और असहाय श्रद्धालुओं का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि दर्शन के बाद आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को सहारा देकर सुरक्षित रूप से निकास द्वार तक पहुंचाया जाए तथा धक्का-मुक्की और फिसलन जैसी स्थिति से बचाव के लिए कर्मी पूरी तत्परता से काम करें।

जिला पदाधिकारी ने सभी पिंडवेदी स्थलों की नियमित सफाई कराने और घाट तथा नदी क्षेत्र में लगातार स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया। पिंडदान के बाद नदी में प्रवाहित पूजन सामग्री को जाल और छनाई व्यवस्था के जरिए निकालने तथा धार्मिक आस्था के साथ नदी की स्वच्छता बनाए रखने को कहा गया। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के जरिए मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

श्मशान घाट के समीप वीआईपी पार्किंग का निरीक्षण करते हुए डीएम ने अनावश्यक वाहनों के पड़ाव पर रोक लगाने तथा वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भेजने को कहा।

मेला व्यवस्था के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को 11,349 तीर्थयात्रियों ने मेडिकल उपचार का लाभ लिया, जिससे अब तक चिकित्सा सेवा लेने वालों की संख्या 1,12,049 हो गई है। खोया-पाया सेल ने 134 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया, जबकि अब तक 852 लोग अपने परिवार से मिल चुके हैं।

गांधी मैदान की टेंट सिटी में सोमवार को 1,158 लोगों ने आवासन किया और अब तक 11,378 लोग ठहर चुके हैं। श्रद्धालुओं को 6,750 पैकेट गंगाजल वितरित किए गए, जबकि अब तक 46,911 पैकेट बांटे जा चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए 1,234 रिस्ट बैंड लगाए गए और अब तक 10,619 लोगों को रिस्ट बैंड दिए जा चुके हैं। प्रशासन ने कहा है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।