Sunday, August 2, 2026
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बिहार: पीएमईजीपी योजना ने बदली सुमन कुमार की किस्मत, फर्नीचर कारोबार से आत्मनिर्भर बन अब लोगों को दे रहे रोजगार

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शेखपुरा, 2 अगस्‍त (आईएएनएस)। बिहार में जिले के बरबीघा प्रखंड के कोइरीबीघा गांव के एक साधारण परिवार से आने वाले सुमन कुमार के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना का लाभ लेकर एक तरफ वह खुद आत्‍मनिर्भर बने, वहीं दूसरी तरफ रोजगार का सृजन भी कर रहे हैं। उन्‍होंने योजना का लाभ लेकर अपने फर्नीचर के कारोबार को नया रूप दिया है। उन्‍होंने इस योजना के लिए केंद्र सरकार का आभार व्‍यक्‍त किया है।

सुमन कुमार ने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी और पीएमईजीपी योजना के बारे में समाचार एजेंसी आईएएनएस से साझा किया। उन्‍होंने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से इंटर पास करने के बाद रोजगार की तलाश शुरू की, लेकिन बिहार में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में मुंबई का रुख करना पड़ा।

मुंबई में सुमन कुमार ने करीब 5 वर्षों तक एक कंपनी में काम किया, लेकिन मन हमेशा अपने गांव और परिवार के पास ही लगा रहा। कुछ समय बाद वह वापस अपने गांव लौट आए और बरबीघा बाजार में एक छोटी सी फर्नीचर की दुकान खोलकर जीवनयापन शुरू किया, हालांकि सीमित संसाधनों के कारण आमदनी इतनी नहीं हो पा रही थी कि परिवार का सही ढंग से भरण-पोषण हो सके और बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा था। इसी बीच उनके जीवन में एक मित्र ने उन्हें उद्योग विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और सलाह दी कि वह शेखपुरा उद्योग विभाग कार्यालय जाकर जानकारी लें।

सुमन कुमार ने अपने दोस्त की बात मानी और उद्योग विभाग पहुंचे, जहां कर्मचारियों ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के बारे में विस्तार से समझाया। सुमन ने योजना के तहत आवेदन किया और कुछ ही दिनों में उन्हें सब्सिडी के साथ लोन मिल गया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने आधुनिक मशीनें खरीदीं और अपने छोटे से फर्नीचर व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करना शुरू किया। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

सुमन का व्यवसाय अब अच्छी आमदनी दे रहा है, जिससे न केवल उनके परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से हो रहा है, बल्कि उनके बच्चों की पढ़ाई भी बिना किसी बाधा के जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय के जरिए चार अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। सुमन कुमार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना हम जैसे बेरोजगार युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगर सही जानकारी और मार्गदर्शन मिले, तो युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।