पटना, 7 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार पुलिस में प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वर्ष 2026 में अब तक 9,187 अधिकारियों और कर्मियों को प्रोन्नति देते हुए कार्यकारी प्रभार सौंपा है। एक अप्रैल से अब तक विभिन्न संवर्गों में दी गई इस प्रोन्नति से पुलिस विभाग में न केवल अधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, बल्कि संगठनात्मक व्यवस्था और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार सरकार के गृह एवं पुलिस विभाग की ओर से विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कर्मियों को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को उच्च पदों का कार्यकारी प्रभार सौंपा गया है। सरकार की इस पहल को पुलिस विभाग में मानव संसाधन के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रोन्नति पाने वालों में सबसे अधिक संख्या सहायक अवर निरीक्षक से पुलिस अवर निरीक्षक बनने वाले कर्मियों की है। इस श्रेणी में 6,800 कर्मियों को कार्यकारी प्रभार दिया गया है। इसके अलावा पीटीसी से सहायक अवर निरीक्षक के पद पर 1,545 और एसएलसी से हवलदार के पद पर 79 कर्मियों को प्रोन्नति मिली है। पुलिस निरीक्षक से डीएसपी के पद पर 88 अधिकारियों को कार्यकारी प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, पुलिस अवर निरीक्षक से पुलिस निरीक्षक के पद पर एक कर्मी को जिम्मेदारी दी गई है। परिवहन संवर्ग में भी बड़ी संख्या में कर्मियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। इसके तहत चालक हवलदार की कोटि में 218, सहायक अवर निरीक्षक (परिवहन) के पद पर 107, पुलिस अवर निरीक्षक (परिवहन) के पद पर 45 और पुलिस निरीक्षक (परिवहन) के पद पर 31 कर्मियों को प्रोन्नति दी गई है।
इसके अतिरिक्त प्राअनि से प्रापुनि के पद पर 112, आशु सअनि से आशु अवर निरीक्षक के पद पर 103 तथा आयुधिक हवलदार से आयुधिक अवर निरीक्षक के पद पर 50 कर्मियों को कार्यकारी प्रभार मिला है। लिपिकीय और कार्यालय संवर्ग में भी प्रोन्नति दी गई है। इसके तहत निम्नवर्गीय लिपिक से उच्चवर्गीय लिपिक के पद पर दो, उच्चवर्गीय लिपिक से प्रधान लिपिक के पद पर एक तथा कार्यालय परिचारी से निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर पांच कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभाग का मानना है कि प्रोन्नति से कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे नई जिम्मेदारियों के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे सकेंगे। इससे विभाग में नेतृत्व क्षमता विकसित होने के साथ कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
एमएनपी/एएस
