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‘बिना सबूत आरोप लगाना ठीक नहीं’, दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर उदय भानु चिब

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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दलेर मेहंदी से जुड़े आरोपों, परिसीमन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर राहुल गांधी की टिप्पणी, अमित शाह को लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ने वाले संजय राउत के बयान और दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लेने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचने की बात कही और विभिन्न मुद्दों पर भाजपा की राजनीति की आलोचना की।

मंत्री सुबोध उनियाल के दलेर मेहंदी से जुड़े आरोपों पर उदय भानु चिब ने कहा कि अगर दलेर मेहंदी ने ऐसा कुछ नहीं किया है, तो भाजपा नेताओं को बिना किसी सबूत के उन पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। दलेर मेहंदी एक वरिष्ठ कलाकार हैं और हमारी सभ्यता तथा संस्कृति में सार्वजनिक जीवन के दौरान जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपेक्षा की जाती है। यदि मेहंदी ने ऐसा नहीं किया है, तो भाजपा के नेता और मंत्री को सोच-समझकर ही कोई आरोप लगाना चाहिए था। इस मामले के पीछे क्या राजनीति है, यह भाजपा के नेता बेहतर जानते होंगे, लेकिन बिना सबूत और तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।

परिसीमन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस बयान पर कि कांग्रेस को दस से अधिक बार बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन पार्टी आगे नहीं आई, चिब ने कहा कि कांग्रेस का रुख संसद में पहले से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि परिसीमन जनगणना के आधार पर किया जाए। भाजपा ऐसा परिसीमन कराने की कोशिश कर रही है, जिससे कई राज्यों की अनदेखी हो सकती है और उसे राजनीतिक लाभ मिल सकता है। इस तरह की कोशिश देश की एकता के लिए भी खतरा बन सकती है।

उन्होंने भाजपा पर सत्ता में बने रहने के लिए संविधान और लोकतंत्र से समझौता करने का आरोप लगाया। चिब ने कहा कि भाजपा का एजेंडा सत्ता में बने रहना है और उसे महंगाई या जनता की परेशानियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर भाजपा के सहयोगी दलों के बीच भी पूरी सहमति नहीं है।

अमित शाह को लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ने वाले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान पर चिब ने कहा कि अगर भाजपा के पास इस मामले में कोई तथ्य है, तो अमित शाह को अपनी सफाई देनी चाहिए। यदि सरकार अपराध पर नियंत्रण रखने का दावा करती है, तो उसे बताना चाहिए कि इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं। चिब ने आरोप लगाया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी पाकिस्तान के गृह मंत्री पर नहीं डाली जा सकती, बल्कि देश के गृह मंत्री अमित शाह को इस पर जवाब देना चाहिए।

राहुल गांधी की आरएसएस पर टिप्पणी का समर्थन करते हुए चिब ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा महिलाओं को पुरुषों के समान नहीं मानती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और युवा कांग्रेस में महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जाते हैं। चिब ने दावा किया कि युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने भाजपा और आरएसएस में महिलाओं की भागीदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वहां महिलाओं को कितनी जगह दी जाती है। चिब ने कहा कि महिलाओं को केवल घर तक सीमित रखने की सोच उनकी राजनीतिक विचारधारा को दर्शाती है। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा को मनुवादी बताते हुए कहा कि राहुल गांधी महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं और उनकी सोच शिव-शक्ति की अवधारणा से जुड़ी है।

दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लेने के मामले पर चिब ने कहा कि वह उनकी उम्र पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन मामला इतना बड़ा अपराध नहीं है कि उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा जाए। दोनों के साथ न्याय होना चाहिए और उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द रिहा किया जा सकता है।