भुवनेश्वर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र तथा ओडिशा के लिए उनके बेजोड़ योगदान को याद किया।
उन्होंने बीजू पटनायक को एक विशाल व्यक्तित्व और साहस, देशभक्ति तथा आत्म-सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बीजू बाबू की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और अमर रहेगी। बीजू पटनायक ने 1990 के दशक की शुरुआत में ही देश में महिला सशक्तीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई थी। यह एक संयोग है कि संसद में इस समय महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा चल रही है। पार्टी के रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि बीजद इस विधेयक का पुरजोर समर्थन करती है और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीजू पटनायक के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए, पटनायक ने कहा कि वे आकाश जितने विशाल, पृथ्वी जितने सहनशील और हिमालय जितने ऊंचे थे। हालांकि, उन्होंने कुछ राजनीतिक तत्वों पर कटाक्ष भी किया और आरोप लगाया कि ओडिशा की राजनीति में कुछ लोग लगातार विश्वासघात की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन जनता उनके असली इरादों से भली-भांति परिचित है। राज्य को ऐतिहासिक रूप से केंद्र की लगातार आने वाली सरकारों द्वारा उपेक्षा का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि इसने ओडिशावासियों की राजनीतिक पहचान पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है और ओडिशा के आत्म-सम्मान के लिए खतरा पैदा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया था कि वे 48 घंटों के भीतर राज्य विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाएं, ताकि परिसीमन प्रक्रिया में ओडिशा के राजनीतिक हितों की रक्षा करने वाला एक प्रस्ताव पारित किया जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक मूक दर्शक बनी हुई प्रतीत होती है और वह ओडिशा तथा यहां की जनता के हितों के बजाय भाजपा के हितों की रक्षा करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।
बीजद नेता ने ओडिशा के सभी सांसदों से, चाहे वे किसी भी दल के हों, अपील की कि वे इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर हम इस नाजुक मोड़ पर एकजुट होकर खड़े नहीं हुए, तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा।”
पटनायक ने कहा कि बीजू पटनायक ओडिया गौरव के प्रतीक थे और उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि ओडिशा के हितों और पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होकर लड़ने से ही मिलेगी।

