Friday, August 21, 2026
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीजेपी वॉलंटियर्स से किया बुरा बर्ताव, जनता सिखाएगी सबक: अभिजीत दिपके

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छत्रपति संभाजीनगर, 21 अगस्‍त (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नेता अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं समेत सीजेपी वॉलंटियर्स के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने कहा कि जनता आने वाले चुनावों में भाजपा को सबक सिखाएगी।

जयपुर में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सीजेपी वॉलंटियर्स पर हुए कथित हमले पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि एक स्कूल भैंसों के बाड़े में चल रहा था, और आशुतोष रांका आज उसका पर्दाफाश करने के लिए वहां पहुंचने वाले थे। जब आशुतोष अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर बहुत गंभीर हमला किया गया। उन पर पत्थर फेंके गए, गाड़ियों पर हमले किए गए, और वहां मौजूद महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई।

दीपके ने कहा कि हम सबने ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें भाजपा के गुंडे सीजेपी वॉलंटियर्स को झुंड में पीट रहे हैं और उन पर हमला कर रहे हैं। ये लोग क्या चाहते हैं? हम बस इतना चाहते हैं कि स्कूल ठीक हो जाए। उन्हें स्कूल ठीक कराने से इतनी दिक्कत क्यों है? अगर उन्होंने स्कूल ठीक कर दिया होता, तो वहां जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।”

दीपके ने कहा कि इस मामले के खिलाफ क्‍या हम आवाज न उठाएं। ये नहीं चाहते कि गरीबों के बच्‍चे पढ़ें और उनके लिए अच्‍छे स्‍कूल हों। अगर ये ऐसा नहीं चाहते तो इनको तकलीफ होती की बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ने के बजाय भैंस के बाड़े में क्‍यों पढ़ रहे हैं। भाजपा को बच्‍चों की बेहतर शिक्षा पर बात करनी चाहिए। भाजपा की गुंडागर्दी खत्‍म होने वाली है, जनता आने वाले चुनाव में इन लोगों को सबक सिखाएगी।

राजस्‍थान सरकार ने एक प्रस्‍ताव पास किया था कि वीडियो और फोटोग्राफी के लिए बाहरी व्‍यक्तियों को प्रवेश न मिले। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि देखिए, सरकारी स्कूलों में कई गलत चीजें हो रही हैं। उदाहरण के लिए, कल मैं कहीं गया था और देखा कि बाहर से लोग आकर वहां गांजा पी रहे थे और शराब पी रहे थे। उस समय, ऐसा कोई नोटिस नहीं होता कि बाहरी लोग अंदर नहीं आ सकते और सरकार को कोई दिक्कत नहीं होती। जैसे ही कोई वहां जाकर दिखाता है कि स्कूल में पानी नहीं है, हालत कितनी खराब है या बताता है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, तो सरकार को दिक्कत होने लगती है। तब सरकार कहती है कि बाहरी लोग स्कूल में नहीं आ सकते। वे क्यों नहीं आ सकते? जिन लोगों के साथ आशुतोष स्कूल जा रहे हैं, और जिन लोगों के साथ मैं स्कूल जा रहा हूं, वे उसी गांव के हैं और उन्हीं गांवों के बच्चे उन सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। वे चाहते हैं कि स्कूल बेहतर हो, तो सरकार क्यों नहीं चाहती कि स्कूल बेहतर हो? सरकार को क्या दिक्कत है? क्या सरकार में बैठे लोग सिर्फ हेलीकॉप्टर में घूमने के लिए चुने गए हैं?”

आशुतोष रांका और वॉलंटियर्स पर कथित हमले पर अभिजीत दिपके ने कहा,”मुझे लगता है कि ये लोग डरे हुए हैं। पूरे देश के सामने उनके झूठ बेनकाब हो गए हैं। हमने पहले धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देते देखा और उसके बाद 12 साल के बच्चे भी उनकी पोल खोल रहे हैं। उन्हें इस बात से डर लगता है। वे देख सकते हैं कि देश के लोग अब भाजपा को समझ गए हैं। भाजपा की पूरी सच्चाई देश के सामने आ गई है। अब उन्हें लगता है कि किसी तरह लोगों को डरा-धमकाकर वे उन्हें चुप करा सकते हैं ताकि कोई उनके खिलाफ न बोले। ऐसा नहीं होगा। देश अब जाग चुका है और जंतर-मंतर के बाद इस देश के लोगों ने डरना छोड़ दिया है।”

अपने एमएमआरडीए मामले को लेकर किए गए पोस्‍ट पर अभिजीत दिपके ने कहा, “एमएमआरडीए के उम्मीदवार कुछ दिन पहले मुझसे मिलने आए थे और उन्होंने मुझे बताया कि कैसे जो लोग दूसरी परीक्षाओं में कम नंबर ला रहे थे, 50 या 60 नंबर पा रहे थे, वे अचानक एमएमआरडीए परीक्षा में टॉपर बन गए और 200 में से 200 नंबर ले आए। उनमें से कुछ अधिकारियों के बच्चे बताए जाते हैं, जैसा कि मुझे बताया गया। मुझे यह भी बताया गया कि इनमें से कई टॉपर एक ही सेंटर से हैं। यह कैसे हो सकता है कि कई टॉपर एक ही सेंटर से हों? इसका मतलब है कि उस सेंटर पर कुछ गड़बड़ हुई होगी, और ऐसा होने के लिए कोई सेटिंग की गई होगी। एमएमआरडीए के उम्मीदवार शुक्रवार शाम फिर मुझसे मिलने वाले हैं।”

एनसीईआरटी किताबों के बदलाव को लेकर अभिजीत दिपके ने कहा, “जो लोग खुद पढ़े-लिखे नहीं हैं, जिन्हें शिक्षा से ही दिक्कत है, वे लोग एनसीईआरटी की किताबें कैसे लिखेंगे या सिलेबस कैसे तय करेंगे? उन्होंने न तो संविधान के बारे में पढ़ाया है और न ही कभी अपने दफ्तरों में तिरंगा फहराया है और वे खुद कभी स्कूल नहीं गए। तो, वे एनसीईआरटी का सिलेबस कैसे तय करेंगे या एनसीईआरटी की किताबें कैसे लिखेंगे।”