शिलांग, 29 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के मेघालय प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा कि भाजपा के हालिया विस्तार से एनपीपी को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनपीपी के सभी 33 विधायक एकजुट हैं और पार्टी में 101 प्रतिशत एकता है।
तिनसोंग ने यह भी कहा कि आठ पूर्व यूडीपी विधायकों के पार्टी में शामिल होने के बाद भाजपा की संख्या बढ़कर 10 हो जाने के बावजूद एमडीए (मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस) सरकार में तत्काल कोई बदलाव या भाजपा के लिए अतिरिक्त जगह की कोई संभावना नहीं है।
तिनसोंग ने कहा कि प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों को लेकर चिंताएं केवल ईसाई संगठनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह कानून विदेशी चंदा प्राप्त करने वाले सभी संगठनों पर लागू होता है।
उन्होंने विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंपने के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि ईसाई संगठनों सहित गैर-सरकारी संगठनों की चिंताओं पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने मेघालय के सांसद जेम्स पी के संगमा को समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए जाने का भी स्वागत किया।
प्रेस्टोन तिनसोंग ने आगामी शिलांग लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान विपक्षी ‘जनता की आवाज पार्टी’ (वीपीपी) पर अपना हमला तेज कर दिया है। उन्होंने पार्टी पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके भ्रामक बातें फैलाने का आरोप लगाया और खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (केएचएडीसी) में अपने विकास कार्यों पर सवाल उठाए।
सोमवार को पिनुरसला ब्लॉक के वाहलिंगखाट गांव में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तिनसोंग ने कहा कि एनपीपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के स्वायत्त जिला परिषद चुनावों में अपनी हार पर विचार किया और इन हारों का कुछ श्रेय सोशल मीडिया के प्रभाव को दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रसारित झूठे और भ्रामक दावों ने मतदाताओं को प्रभावित किया और राजनीतिक दलों को बिना किसी तथ्यात्मक आधार के चुनाव जीतने में मदद की।
तिनसोंग ने विशेष रूप से केएचएडीसी को नियंत्रित करने वाली वीपीपी को निशाना बनाया और उससे जनता का जनादेश प्राप्त करने के बाद से किए गए बदलावों का स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि ऐसे लोग जनता के सामने जवाब दें। जनता ने आपको जिला परिषद में शासन करने का जनादेश दिया है। क्या बदलाव आया है?
