कोलकाता, 25 सितंबर (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सांसदों द्वारा लिए गए सभी फैसलों को गैरकानूनी बताने पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से कहा, “पता नहीं उन्हें कौन सलाह देता है और वे क्या बोलते हैं। जब मैं सोशल मीडिया पर उनके बारे में लोगों की टिप्पणियां देखता हूं, तो लगता है कि आम लोग भी उनसे ज्यादा समझदारी से सोचते हैं। वे अब उम्रदराज हो चुके हैं और कुछ ही दिनों में सीनियर सिटीजन की श्रेणी में आ जाएंगे, इसलिए उन्हें ज्यादा परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए।”
दरअसल राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि वोट चोरी, कानून चोरी है तो ऐसे वोटों से चुने गए कानून बनाने वालों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव भी गैर-कानूनी होंगे।
वहीं, सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन के बीच यह मांग सामने आई है।
इस पूरे विरोध प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर चार से छह महीने में एक नया मुद्दा उठाता है। विपक्ष हमेशा ऐसे मुद्दे सामने लाता है जो देश के हित के खिलाफ होते हैं, संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को बदनाम करने का प्रयास करते हैं।
दिलीप घोष ने कहा, “धीरे-धीरे जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट हो रही है। यह सिर्फ एक दिखावा है। पहले जेन-जी का मुद्दा उछाला गया और अब ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे देश की सभी मजबूत संस्थाओं को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश चल रही है।”
उन्होंने कहा कि विरोध करना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है, विपक्ष जो चाहे कर सकता है। जैसे-जैसे हर आंदोलन की वास्तविकता और उसके पीछे की मंशा उजागर हो रही है, जनता सब कुछ समझ रही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से भविष्य में विपक्ष के लिए चुनाव लड़ना और भी कठिन हो जाएगा।
