रांची, 9 जून (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो जिले से अक्टूबर 2020 से लापता नाबालिग के मामले में जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मंगलवार को सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक को तलब किया। सुनवाई के दौरान एडीजी ने अदालत को बताया कि वह स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं और सीआईडी की टीम जांच को आगे बढ़ा रही है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है। इस संबंध में लड़की की मां उषा झा ने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति प्रदीप श्रीवास्तव की खंडपीठ ने इसपर सुनवाई करते हुए एडीजी से पूछा कि अब तक की जांच में क्या परिणाम आया है।
एडीजी ने बताया कि जांच को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उपलब्ध सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।
इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में सीआईडी और पिंड्राजोड़ा थाना में दर्ज मामले के अनुसंधानकर्ता अदालत में सशरीर उपस्थित हुए थे। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी।
सीआईडी की ओर से जानकारी दी गई कि 5 मई को मामला दर्ज कर औपचारिक रूप से जांच शुरू की गई। सोमवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपस्थित सीआईडी इंस्पेक्टर से अब तक की जांच की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी।
इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि सरकार मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे जाने की संभावना पर आवश्यक परामर्श करना चाहती है। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की प्रगति पर असंतोष जताया था और सीबीआई जांच पर कोई निर्णय लेने से पहले सीआईडी के शीर्ष अधिकारी को तलब किया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विन्सेंट मार्की ने पक्ष रखा।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2020 से लापता नाबालिग का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

