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ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत ‘विश्वगुरु’ बनने के और करीब पहुंचेगा: उपासना अरोड़ा

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नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर उपासना अरोड़ा ने दावा किया है कि दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस सम्मेलन के बाद देश इस लक्ष्य के और करीब पहुंच सकता है।

आईएएनएस से बातचीत में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर उपासना अरोड़ा ने कहा कि यह भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई शक्तिशाली देश इस सम्मेलन में शामिल हुए हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत उन ऊंचाइयों की ओर बढ़ता दिखाई देगा, जिसकी कल्पना देश लंबे समय से करता आया है।

उपासना अरोड़ा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। जहां दुनिया के कई देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहीं भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका श्रेय उन्होंने देश की बेहतर नीतियों को दिया।

उन्होंने कहा कि वे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से जुड़े काम का भी हिस्सा हैं और ट्रेड बोर्ड की सदस्य हैं। उनके अनुसार, मौजूदा समय भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और सुनहरा दौर है।

उपासना अरोड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया की सबसे लोकप्रिय शख्सियतों में शामिल हैं। सिर्फ विदेशों में ही नहीं, बल्कि भारत में भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें पसंद करते हैं और वह खुद भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसक हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर आर्यमान विक्रम बिड़ला ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही के आंकड़े भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति की ओर इशारा करते हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और उपलब्ध आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं। यह विकास केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोग और विनिर्माण समेत कई क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन काफी उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशों के बीच आपसी विश्वास इस सहयोग की सबसे महत्वपूर्ण नींव है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के बीच कंपनियों और सरकारों के स्तर पर सहयोग बढ़ाने, साथ मिलकर काम करने और आपसी बातचीत को आगे ले जाने की इच्छा दिखाई दी है। यह भारत और अन्य सदस्य देशों के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।