पटना, 14 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक पवन जायसवाल ने भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने, भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाए जाने और भारतीय महिला टीम से जुड़े एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने ब्रिक्स की मेजबानी को भारत के लिए गौरव का विषय बताया और पहलगाम हमले की निंदा को पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक झटका करार दिया।
ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी को लेकर पवन जायसवाल ने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि भारत को इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य सामने रखा गया है और ब्रिक्स की मेजबानी इस दिशा में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाए जाने और घटना की निंदा किए जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि यह होना ही चाहिए था, क्योंकि पहलगाम की घटना गंभीर थी। ब्रिक्स मंच पर हमले की निंदा होना पाकिस्तान की हार है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के पास इस संबंध में पर्याप्त प्रमाण होने का दावा किया जाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता भारत की कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के पक्ष को वैश्विक समर्थन मिलने का संकेत देती है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाए जाने को लेकर पवन जायसवाल ने कहा कि भारत में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत या समापन में राष्ट्रीय गीतों और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों को स्थान मिलना सकारात्मक परंपरा है। भारत में राष्ट्रवाद को मजबूत करने की दिशा में ऐसी पहल महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आपत्ति होती है। लेकिन, किसी समुदाय को खुश करने के लिए ‘वंदे मातरम’ का विरोध करना उचित नहीं है।
भारतीय महिला टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर पवन जायसवाल ने कहा कि खिलाड़ियों के मन में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दुख और पीड़ा रही होगी। उन्होंने इसे पहलगाम आतंकी हमले और भारत-पाकिस्तान तनाव के संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि खिलाड़ियों के मन में पाकिस्तान की कथित आतंकवादी गतिविधियों को लेकर भावनाएं रही होंगी। इसी कारण खिलाड़ियों ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया होगा।
