पटना, 13 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर सदस्य देशों की सहमति पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। उन्होंने बिहार के सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब वैश्विक मुद्दों पर केवल अपनी बात रखने वाला देश नहीं, बल्कि साझा समाधान और दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता ने इस भूमिका को और मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति, सहयोग और संवाद की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अधिक न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के प्रति ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। सम्राट चौधरी ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर सदस्य देशों की सर्वसम्मति भारत की प्रभावी कूटनीति और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं में सुधार तथा ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को मजबूती देने की दिशा में भारत का प्रयास महत्वपूर्ण है। ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे मुद्दों को भी सम्मेलन में प्रमुखता मिली। मुख्यमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता के समर्थन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका मजबूत होगी। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देशों के स्पष्ट रुख का भी स्वागत किया।
उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जरूरी है। आतंकवाद की फंडिंग, सीमा पार आवाजाही और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। सम्राट चौधरी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बीच नियम आधारित, खुली और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था समय की आवश्यकता है। आपूर्ति शृंखला में व्यवधान, एकतरफा प्रतिबंधों और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दों पर ब्रिक्स देशों की चिंता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युद्ध और संघर्षों के समाधान के लिए संवाद एवं कूटनीति को प्राथमिकता देने तथा परमाणु खतरे को कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल क्षेत्र के अनुभव से विकासशील देशों को लाभ मिल सकता है। सतत विकास, गरीबी उन्मूलन और ऊर्जा सुरक्षा के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हाइड्रोजन सहित विभिन्न स्रोतों के इस्तेमाल की दिशा में सहयोग भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत ने दुनिया के सामने शांति, सहयोग, विकास और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था का स्पष्ट दृष्टिकोण रखा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का बढ़ता प्रभाव प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर भारत को नेतृत्वकारी भूमिका दिलाने और देश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और आभार है।
–आईएएनएस
एमएनपी/पीएम
