नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (2026) के तहत हैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने भविष्य के श्रम बाजार, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। बैठक के बाद केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इंडोनेशिया, ईरान, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन (आईएसएसए) के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में भारत ने अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। डॉ. मंडाविया ने कहा कि ‘ई-श्रम’ और ‘नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस)’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने, रोजगार सेवाओं को सुलभ बनाने और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सदस्य देशों से इन क्षेत्रों में अनुभव साझा करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
यूएई के मानव संसाधन एवं अमीरातीकरण मंत्री डॉ. अब्दुल रहमान अल अव्हार के साथ बैठक में श्रम गतिशीलता, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक वर्गीकरण प्रणाली के विकास पर चर्चा हुई। भारत ने यूएई को भारत-आईएलओ द्वारा तैयार किए जा रहे ‘इंटरनेशनल रेफरेंस क्लासिफिकेशन ऑफ ऑक्यूपेशन्स’ की व्यवहार्यता अध्ययन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
रूस के श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री एंटोन कोत्याकोव के साथ बातचीत में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने श्रम बाजार प्रशासन के लिए डिजिटल समाधानों के आदान-प्रदान और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा समझौते (एसएसए) की संभावनाओं पर भी विचार किया।
इंडोनेशिया के श्रम मंत्री यासियरली तथा ईरान के सहकारी, श्रम एवं सामाजिक कल्याण मंत्री डॉ. अहमद मेइदारी के साथ हुई बैठकों में डिजिटल रोजगार सेवाओं, कार्यबल विकास और तकनीक आधारित श्रम प्रशासन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। भारत ने डिजिटल पब्लिक गुड्स विकसित करने के अपने अनुभव साझा करने और दोनों देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
आईएसएसए के महासचिव डॉ. मोहम्मद अजमन के साथ बैठक में सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। इस दौरान डॉ. मंडाविया ने बताया कि भारत को 2025 में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने के लिए आईएसएसए पुरस्कार मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज एक अरब से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है, जो समावेशी सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने ब्राजील और चीन के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में कौशल विकास, डिजिटल रोजगार सेवाएं, श्रम बाजार सूचना प्रणाली, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक के अंत में सभी सदस्य देशों ने ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ पहल को आगे बढ़ाने, ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण और भविष्य के लिए तैयार समावेशी श्रम बाजार विकसित करने के संकल्प को दोहराया। साथ ही, श्रम एवं रोजगार क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाले घोषणापत्र को भी सर्वसम्मति से अपनाया गया।

