नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने परिणाम के बाद चिंतित 12वीं के विद्यार्थियों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। सीबीएसई ने परिणाम से परेशान छात्रों को चिंतित न होने की सलाह देते हुए कहा कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुन सकते हैं।
सीबीएसई ने आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के कई विद्यार्थी अपने परिणामों व अंकों को लेकर चिंतित हैं। इसका कारण इस वर्ष पुनः शुरू की गई मूल्यांकन प्रणाली में परिवर्तन, अर्थात् ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को बता रहे हैं। बोर्ड उनकी चिंताओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और उनका समाधान करने के लिए तत्पर है।”
सीबीएसई ने आगे कहा, “विद्यार्थी कल्याण सर्वोपरि है और इसलिए उसने उत्पन्न होने वाली सभी संभावित समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है। ओएसएम के प्रमुख लाभों में अनुभवी सीबीएसई शिक्षकों द्वारा तैयार की गई मार्किंग स्कीम के अनुपालन के साथ मूल्यांकन में एकरूपता शामिल है। मार्किंग स्कीम में उत्तर देने के वैकल्पिक तरीके भी शामिल हैं ताकि वैकल्पिक तरीकों से उत्तर देने वाले बच्चों को भी ग्रेड दिया जा सके।”
बोर्ड की ओर से कहा गया है कि यदि कोई विद्यार्थी परिणाम से असंतुष्ट है तो स्पष्ट और पारदर्शी विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें अंकों का सत्यापन, मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच और पुनर्मूल्यांकन शामिल हैं। जो विद्यार्थी चिंतित या अनिश्चित महसूस कर रहे हैं, उनके लिए टेली-काउंसलिंग सहायता 1800-11-8004 भी उपलब्ध है। विद्यार्थी ईमेल के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।
बोर्ड ने कहा, “हम छात्रों और अभिभावकों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे किसी भी अनसुलझे संदेह के समाधान और स्पष्टता के लिए सीधे इन आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें। हर चिंता पर ध्यान दिया जाना चाहिए, और इस प्रक्रिया में कोई भी छात्र अकेला नहीं है।”
बता दें कि 13 मई को सीबीएसई ने 12वीं का परिणाम घोषित किया था। इस वर्ष 85.20 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों ने सबसे बेहतर परिणाम दिए हैं। केंद्रीय विद्यालय इस लिस्ट में टॉप पर हैं। केंद्रीय विद्यालयों का उत्तीर्णता प्रतिशत 98.55 रहा, वहीं मामूली अंतर के साथ जवाहर नवोदय विद्यालयों का परिणाम 98.47 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
इनके अलावा, सरकारी विद्यालयों में उत्तीर्णता प्रतिशत 89.55 रहा। सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों ने 86.07 प्रतिशत परिणाम दिया, जबकि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का परिणाम 85.55 प्रतिशत रहा। स्वतंत्र विद्यालयों (इंडिपेंडेंट स्कूल) की बात करें इनका कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 84.20 दर्ज किया गया है। वहीं, विदेशों में संचालित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के परिणाम में इस वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2026 में विदेशी स्कूलों का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 90.50 रहा। यह पिछले वर्ष 95.01 प्रतिशत था यानी इस साल का औसत रिजल्ट बीते साल के मुकाबले कम है।
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में विदेशों में कुल 24,047 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 24,009 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 21,728 विद्यार्थी परीक्षा में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए।

