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सीईसी के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर भड़के बृजभूषण, बैलेट पेपर व्यवस्था की मांग का किया विरोध

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गोंडा, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बैलेट पेपर व्यवस्था को फिर से लागू करने की विपक्ष की मांग का भी विरोध किया।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 2014 के बाद से चाहे देश का चुनाव हो या प्रदेश का चुनाव, भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। विपक्ष के पास अब छिपने का कोई रास्ता नहीं बचा है, इसलिए वह लगातार देश की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का काम कर रहा है। विपक्ष फिर से बैलेट पेपर वाली पुरानी व्यवस्था की वापसी चाहता है, लेकिन यह संभव नहीं है।

पूर्व सांसद ने बैलेट पेपर के दौर की अराजकता को याद दिलाते हुए कहा कि बिहार और बंगाल में किस तरह से चुनाव होते थे, यह किसी से छिपा नहीं है। कितने लोगों के मर्डर होते थे, कितने लोगों के सिर फटते थे और कितने बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग होती थी, यह सभी जानते हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले में वह खुद भुक्तभोगी हैं। गोंडा में वह खुद इसका शिकार हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि साल 1991 में जब उन्होंने पहला चुनाव लड़ा था, तो उनके सैकड़ों कार्यकर्ता घायल हो गए थे। बूथों पर कार्यकर्ताओं को पीटा गया था और पोलिंग एजेंट तक नहीं मिलते थे।

बृजभूषण ने कहा कि उस समय चुनाव की तैयारी युद्ध की तरह होती थी। जैसे कोई युद्ध होने वाला हो, वैसे तैयारी की जाती थी कि 20 आदमी उस पोलिंग बूथ पर लगाओ, 30 आदमी उस पोलिंग पर लगाओ, 50 आदमी उस पोलिंग पर लगाओ। विपक्ष वही बैलेट सिस्टम चाहता है, जिससे जो दबंग है, वही वोट डाल ले। लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है।

उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां विपक्ष जीत जाता है, वहां ईवीएम मशीन ठीक हो जाती है और जहां हार जाता है, वहां मशीन पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कई बार मौका दिया गया कि वह साबित करे कि कैसे चुनाव लूटा जा रहा है, लेकिन आज तक वे कुछ भी साबित नहीं कर पाए।

पूर्व सांसद ने कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया में कहीं कोई कमी या दिक्कत है तो विपक्ष को सुझाव देना चाहिए कि यह कमी है और इसे दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि आप विपक्ष में हैं, आपके पास विपक्ष के नेता हैं, लेकिन आपका नेता कभी विस्तार से कुछ बोलता ही नहीं है। वह सिर्फ सवाल उछालकर भाग जाता है। आपको विस्तार से बताना चाहिए कि क्या किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब इस देश में बैलेट पेपर के आधार पर चुनाव होना संभव नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो फिर से जंगलराज की वापसी हो जाएगी।