बक्सर, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बिहार के बक्सर जिले से दो युवक, विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा, को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पश्चिम बंगाल ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इसी बीच, विक्की मौर्य के परिवार ने बेटे की गिरफ्तारी को लेकर अनभिज्ञता जताई है।
विक्की के पिता गौतम कुमार सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह मेरा छोटा बेटा है। क्या हुआ है, मुझे कुछ नहीं पता। पुलिस उसे ढूंढते हुए घर आई, मैंने दरवाजा खोला और उन्होंने पूरे घर की तलाशी ली। इसके बाद पुलिस हमारा मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गई, जो अभी तक वापस नहीं मिला है। प्रशासन की ओर से हमें यह भी नहीं बताया गया है कि उसने क्या किया है या उस पर क्या आरोप हैं।
उन्होंने बताया कि विक्की का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। हमने उसे मुंबई में काम पर लगवाया था। वहां किसी कारण से उसका विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने बताया था कि वह दूसरी कंपनी में जा रहा है। हमें लगा कि उसे अपने मुताबिक कोई काम मिल गया होगा। 7 मई को विक्की घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था। वह दोपहर करीब 12 बजे गया और उसके बाद वापस नहीं लौटा। बाद में हमें मोबाइल के जरिए किसी दूसरे से सूचना मिली कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और पश्चिम बंगाल लेकर गई है।
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी यूपी के बलिया और दो बिहार के रहने वाले हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी के अनुसार, दो आरोपी बिहार के रहने वाले हैं जिनका नाम मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य है। साथ ही, एक आरोपी बलिया का है और उसका नाम राज सिंह बताया जा रहा है। तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में आरोपियों को तब पकड़ा गया, जब एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट किया था। इससे पुलिस को मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारियों का पता लगाने में मदद मिली।
बता दें कि 6 मई को चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी गई थी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है।
चंद्रनाथ की हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

