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चरखी दादरी में एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट रितु श्योराण का सम्मान, मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बढ़ाया हौसला

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चरखी दादरी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। चरखी दादरी में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी रितु श्योराण को कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सम्मानित किया। इस मौके पर रितु ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर खुशी जताई और कहा कि टीम ने कोच और विशेषज्ञों की रणनीति के मुताबिक खेलते हुए यह सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि कबड्डी अभी ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों का हिस्सा नहीं है, ऐसे में एशियाई खेल उनके लिए अब तक का सबसे बड़ा मंच रहा है।

रितु श्योराण ने कहा कि उनका लक्ष्य एशियाई खेलों में हर हाल में स्वर्ण पदक जीतना था। उन्होंने टीम की सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ, फेडरेशन और कबड्डी को लगातार समर्थन देने वाले पदाधिकारियों को दिया। रितु ने कृष्ण लाल पंवार और कुलदीप दलाल समेत कबड्डी से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

भविष्य की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए टीम मेहनत करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर कबड्डी को आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में जगह मिलती है तो भारतीय टीम वहां भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। बेटियों को संदेश देते हुए रितु श्योराण ने कहा कि पढ़ाई हो या खेल, हर क्षेत्र में पूरी मेहनत और सौ फीसदी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत के दम पर सफलता हासिल की जा सकती है और बेटियों को अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हरियाणा के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि एशियाई स्तर पर भारत के प्रदर्शन में हरियाणा के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की टीम में शामिल 12 खिलाड़ियों में से छह हरियाणा की हैं, जबकि लड़कों की टीम में शामिल 12 खिलाड़ियों में आठ खिलाड़ी हरियाणा से हैं। उन्होंने महिला कबड्डी टीम की लगातार सफलता का भी उल्लेख किया।

कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कबड्डी को आगे बढ़ाने में फेडरेशन और खेल से जुड़े पदाधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वर्गीय जनार्दन गहलोत के योगदान को भी याद किया। मंत्री ने कहा कि फेडरेशन से जुड़े सभी लोग मिलकर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं और भविष्य में भी भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

हरियाणा की खेल नीति का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी पुरस्कार राशि और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। उनके अनुसार, एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों को तीन-तीन करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये और क्लास-वन की नौकरी, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये देने की नीति का उन्होंने उल्लेख किया।