नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 10 छात्रों को हिरासत में लिए जाने के मामले में रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए उन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जहां से 13 और 14 मार्च को छात्रों को हिरासत में लिया गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया कि छात्रों और कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण के हिरासत में लिया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि जिन तीन स्थानों से छात्रों को हिरासत में लिया गया, वहां की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि मामले की सही परिस्थितियों की जांच की जा सके।
बताया गया कि छात्रों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों दयाल सिंह कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस और जहांगीर पुरी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया था। याचिका में कहा गया कि कुल 10 छात्र-कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जब उनसे हिरासत में लेने के कारणों के बारे में पूछा गया था, तब भी दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया था।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि इन लोगों को एक मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। पुलिस ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया है।
हालांकि याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि एक व्यक्ति रुद्र विक्रम रॉय अब भी लापता है और उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पर अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्ति का पता लगाया जाए और उसकी स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए। इसमें कोई देरी न की जाए।
अदालत ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करे, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि छात्रों को किस परिस्थिति में और किस कानून के तहत हिरासत में लिया गया था और कब उनको छोड़ा गया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी। अदालत ने तब तक पुलिस से मामले से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

